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ये खास चीज बना रही IIIT दिल्ली, मिलेगी सुविधा

ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 31 Jan 2018 05:46 PM IST
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अंतिम छोर तक की कनेक्टविटी देने के लिए आने वाले दिनों में ड्राइवरलेस ई-रिक्शा सड़कों पर नजर आएंगे। दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉरमेंशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) की एक टीम इस तकनीकी पर जोर-शोर से काम कर रही है।
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ड्राइवरलेस ई-रिक्शा पहले से तय रूट पर ही चलेगी। अगर यह प्रयोग सफल हुआ तो इसका पहला ट्रायल ट्रिपल आईटी के कैंपस में किया जाएगा। आईआईआईटी दिल्ली में स्थित इंफोसिस सेंटर फार आर्टिफिशएस इंटेलीजेंस में इस योजना पर काम हो रहा है।

टीम मेंमर डॉ. संजीत कौल के मुताबिक ड्राइवरलेस ई-रिक्शा का रूट प्री डिफाइन होगा। यह ट्रैफिक सिग्नल को फालो करेगा। रास्ते में कोई रूकावट होगी तो उसे दूर से रीड कर लेगा। यही नहीं लेन ड्राइविंग का भी ध्यान रखेगा।

उन्होंने बताया कि हम अप्रैल 2016 से इस योजना पर काम कर रहे है जब इस रिसर्च सेंटर की शुरूआत हुई थी। अगर यह सफल होता है तो हम सबसे पहले अपने कैंपस में शटल सर्विसेज के तौर पर इसका प्रयोग करेंगे।

ड्राइवरलेस वाहन के लिए हमारी पहली पसंद ई-रिक्शा ही है। इस योजना पर डॉ. संजीत कौल के अलावा डॉ. साकेत आनंद, डॉ. पीबी सुजीत और आईआईआईटी के पीएचडी स्टूडेंट इसमें शामिल है।

ड्राइवरलेस ई-रिक्शा के अलावा यह टीम इसके कम लागत पर काम कर रही है। साथ ही ड्राइवरलेस वाहन के लिए जरूरी तकनीकी के साथ उपयोग होने वाले हार्डवेयर की लागत भी कम रखने पर ध्यान दे रही है। इसके साथ हम ड्राइवरलेस तकनीकी को महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कार पर आजमाएंगे। इसके लिए हमें महिंद्रा से एक कार भी मिली है।

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