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UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात
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UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात

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उत्तराखंड: राजाजी टाइगर रिजर्व के महेंद्र गिरी को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, पूरे एशिया से चुने गए इकलौते रेंजर

राजाजी टाइगर रिजर्व के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। वन्यजीवों के संरक्षण में अहम योगदान के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व के रेंजर महेंद्र गिरी को आईयू...

26 मार्च 2021

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Digital Edition

उत्तराखंड में कोरोना: मंगलवार को आए रिकॉर्ड 1925 संक्रमित, 13 की मौत, एक्टिव केस नौ हजार पार 

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण और मरीजों की मौत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मंगलवार को बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 1925 संक्रमित मिले हैं। इससे पहले बीते साल 19 सितंबर को सर्वाधिक 2078 मामले सामने आए थे। वहीं, आज 13 मरीजों की मौत हुई। साथ ही सक्रिय मरीजों की संख्या नौ हजार पार हो गई है। जबकि आज 405 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। इन्हें मिला कर अब तक 98897 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अब कुल संक्रमितों की संख्या 112071 हो गई है।

उत्तराखंड: बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच प्रदेश में हैं सिर्फ 724 वेंटिलेटर

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मंगलवार को 44201 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि देहरादून जिले में सबसे अधिक 775 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। वहीं, हरिद्वार जिले में 594, नैनीताल में 217, ऊधमसिंह नगर में 172, पौड़ी में 33 , टिहरी में 35, रुद्रप्रयाग में 12,  पिथौरागढ़ में 13, उत्तरकाशी में एक, अल्मोड़ा में 31, चमोली में 8, बागेश्वर में 13, चंपावत में 21 संक्रमित मिले। वहीं, कंटेंमेंट जोन की संख्या 54 पहुंच गई है। 

कोरोना वायरस: राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी कोरोना संक्रमित, सोशल मीडिया पर खुद दी जानकारी

प्रदेश में अब तक 1780 मरीजों की मौत हो चुकी है। संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या कम होने से सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 9353 सक्रिय मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
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कोरोना वायरस संक्रमित कोरोना वायरस संक्रमित

उत्तराखंड: सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा, कुंभ की तुलना मरकज से करना ठीक नहीं

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मरकज की कुंभ से तुलना करना ठीक नहीं है। वहां मरकज में लोग एक ही हॉल में सोते थे। जबकि कुंभ केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र ऋषिकेश से लेकर नीलकंठ क्षेत्र तक फैला है। स्नान के लिए 16 घाट हैं। अलग-अलग समय पर श्रद्धालु व साधु संत समाज के लोग स्नान कर रहे हैं। मरकज में एक ही हाल में कई कई लोग रहे। एक ही रजाई का अधिक लोगों ने इस्तेमाल किया। कुंभ की व्यवस्थाएं अलग हैं, इसलिए कुंभ की तुलना मरकज से करना सही नहीं है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दूसरे शाही स्नान का आयोजन भी कोविड 19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ संपन्न हो गया है। उन्होंने सुरक्षित और सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों का आभार जताया।

महाकुंभ: 35 लाख श्रद्धालुओं ने किया शाही स्नान, भीड़ के आगे कोरोना से बचाव के नियम हुए तार-तार, तस्वीरें...

उन्होंने कहा कि  शाही स्नान में अखाड़ों के संत समाज से लेकर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार कुंभ 2021 में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। उन्होंने प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बताया सोमवती अमावस्या पर हुए दूसरे शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह रहा। सुबह आठ बजे तक ही 15 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। वहीं स्नान के समापन तक करीब 35 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। 

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हरिद्वार महाकुंभ 2021: बेहद खास है इस बार का कुंभ मेला, एक साथ पड़ रहे 14 महापर्व

मायापुरी हरिद्वार में प्रत्येक कुंभ मेला कुछ न कुछ खास लेकर आता है। इस बार का कुंभ तो और भी खास हो गया है। 12 अप्रैल को हुए शाही स्नान से 14 पर्वों का ऐसा क्रम शुरू हो गया है जो लगातार चलेगा। ये 14 पर्व 10 दिनों में संपन्न हो जाएंगे।

कुंभ तो अपने आप में ही महापर्व है। यही कारण है कि कुंभ के प्रति बड़ा और सम्मान भाव दिखाते हुए कुंभ को महाकुंभ भी कहा जाने लगा है। यद्यपि कुंभ घट ही बड़ा शब्द है, महाकुंभ या महाघट कोई शब्द नहीं है। कुंभ महापर्व के मुख्य स्नान का शुभारंभ सोमवार को सोमवती अमावस्या से हो गया।

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मंगलवार को नव संवत्सर, सोमवती पर्व, बैशाखी और पहला शैलपुत्री नवरात्र एक साथ पड़ जाएंगे। 14 अप्रैल सूर्य के मेष राशि में आते ही कुंभ का मुख्य स्नान होगा। नौ दिनों के नवरात्र चलते रहेंगे।

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इन नौ दिनों में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायिनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूपों की पूजा होगी। सिद्धिदात्री के दिन ही  रामनवमी मनाई जाएगी।
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कोरोना पर आस्था भारी: नवरात्रि के पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी, पूर्णागिरी मंदिर में उमड़ी भीड़, तस्वीरें...

चैत्र नवरात्रि और नवसंवत्सर के मौके पर आज कुंभनगरी हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर स्नान किया। वहीं, कुंभ क्षेत्र के आस-पास के घाटों पर भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ नजर आई। राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।

वहीं, चंपावत के पूर्णागिरी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह दस बजे तक ही करीब पांच हजार श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए पहुंच चुके थे। इस दौरान कोरोना संक्रमण के बचाव के नियम भी तार-तार हो गए।

नवरात्रि 2021: आज ये हैं घट स्थापना के चार शुभ मुहूर्त, इस खास योग में ऐसे पूजन कर देवी मां को करें प्रसन्न

ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा का अधिक महत्व है। हर वर्ष जब भी नवरात्रि आते हैं, मां दुर्गा विभिन्न वाहन पर सवार होकर आती हैं। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आएंगी।

चैत्र नवरात्र 2021: नवसंवत्सर पर श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों पर किया स्नान, मंदिरों में लगी भीड़ 

इस बार 21 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी। नवरात्रि का परायण 22 अप्रैल को होगा। इस बार नवरात्रि में अमृत सिद्धि योग बन रहा है।
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नवरात्र पर गंगा स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु

चैत्र नवरात्रि 2021: नवसंवत्सर पर श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों पर किया स्नान, मंदिरों में लगी भीड़ 

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र  नवरात्रि की शुरुआत आज मंगलवार से हो गई है। वहीं, आज नवसंवत्सर की भी शुरूआत हो गई है। नवरात्रि और नवसंवत्सर के मौके पर कुंभनगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर स्नान किया। वहीं, आस पास के घाटों पर भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ नजर आई। राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं के मंदिरों में भी श्रद्धालुाओं ने पूजा अर्चना की।

नवरात्रि 2021: आज ये हैं घट स्थापना के चार शुभ मुहूर्त, इस खास योग में ऐसे पूजन कर देवी मां को करें प्रसन्न

इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
इस बार  नवरात्रि पूरे नौ दिन रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा का अधिक महत्व है। हर वर्ष जब भी नवरात्रि आते हैं, मां दुर्गा विभिन्न वाहन पर सवार होकर आती हैं। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आएंगी। इस बार 21 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी। नवरात्रि का परायण 22 अप्रैल को होगा। इस बार  नवरात्रि में अमृत सिद्धि योग बन रहा है।
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उत्तराखंड: काशीपुर में आज से शुरू होगा ऐतिहासिक चैती मेला, शहरी विकास मंत्री करेंगे शुभारंभ

उत्तराखंड का ऐतिहासिक चैती मेला आज मंगलवार से शुरू हो रहा है। मेला 30 अप्रैल तक चलेगा। सुबह शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत पंडा परिवार के साथ देवी ध्वज फहराकर मेले का शुभारंभ करेंगे। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए सोमवार को मेला अधिकारी/एसडीएम गौरव कुमार ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। कोविड नियमों के अनुसार ही मेले का आयोजन किया जाएगा। 

मंगलवार से नवरात्र के साथ की चैती मेले का शुभारंभ होगा। मंगलवार को पंडा परिवार के पुजारी दयाशंकर जोशी हवन, पूजन, घट स्थापना और गणेश पूजन करेंगे। इसके बाद ध्वज फहराकर मेले का शुभारंभ किया जाएगा। इधर, मेले में दुकानें बनाने के लिए बांस, बल्ली और टीन मेला परिसर में पहुंच चुकी हैं।  मंगलवार को मेला अधिकारी/एसडीएम गौरव कुमार ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।

उन्होंने ठेकेदारों से समय पर दुकानों का निर्माण कराने को कहा। साथ ही अस्थायी शौचालयों का निर्माण और पुराने शौचालयों की साफ सफाई के निर्देश दिए। कहा कि मेला कोविड नियमों के अनुसार ही लगेगा। मेले में आने वालों के लिए मास्क अनिवार्य होगा। झूलों में लोगों को बैठाने से पहले सीटों को सैनिटाइज किया जाएगा। खाने-पीने की दुकानों को भी साफ रखने के निर्देश दिए हैं। दुकानों पर अनावश्यक भीड़ भी प्रतिबंधित होगी। 

नखासा बाजार लगने पर संशय
चैती मेले में लगने वाला नखासा बाजार मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है। पिछले वर्षों तक मेले का शुभारंभ होने तक नखासा बाजार के लिए घोड़ा व्यापारी मेले में पहुंच जाते थे, लेकिन इस बार एक भी घोड़ा कारोबारी नहीं पहुंचा है। न ही अधिक संख्या में दुकानदारों ने दुकानें की बुकिंग की है। इससे नखासा बाजार लगने पर फिलहाल संशय है। 

सप्तमी के बाद मेले में भीड़ बड़ने की उम्मीद
चैती मेले में सप्तमी के दिन पक्काकोट मंदिर से देवी चैती मंदिर में आती है। मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि देवी के मंदिर में आने के बाद मेले में भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि पिछले वर्षों तक मेला प्रारंभ होने तक मेला पूरी तरह से सज जाता था। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण व्यवस्थाओं में कुछ देरी हुई है। 

134 दिनों के बाद आज खुलेंगे कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट
शिव पुत्र कार्तिक स्वामी (केलंग) मंदिर के कपाट मंगलवार को 134 दिन बाद बैसाखी के दिन आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। पिछले साल 30 नवंबर को मंदिर के कपाट बंद किए गए थे। मंगलवार को बैसाखी के दिन मंदिर के कपाट खोले जाएंगे और मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। कपाट खुलने के बाद कार्तिक स्वामी के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर के पुजारी मचलू राम ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 को लेकर सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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कोरोना वायरस: शराब पीने और नशा करने के वाले संक्रमित मरीजों को दवाइयों की देनी पड़ रही है अधिक खुराक

अत्यधिक शराब पीने और अन्य नशा करने वालों को कोरोना से ज्यादा खतरा हो रहा है। एक तो उनमें कोरोना का संक्रमण आसानी से हो रहा है, वहीं उपचार में भी डॉक्टरों को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शराब या किसी अन्य तरह के नशे का सेवन न करें।

कोरोना के मरीजों के उपचार में जुटे विशेषज्ञ डाक्टरों के मुताबिक, रोजाना शराब या अन्य नशा करने वाले मरीजों में संक्रमण और उपचार में भी ज्यादा जोखिम सामने आ रहा है। 

उत्तराखंड में कोरोना: सोमवार को 1334 नए संक्रमित मिले, सात मरीजों की हुई मौत 

देहरादून में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोरोना के नोडल अफसर एवं वरिष्ठ छाती एवं सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि शराब या किसी भी नशे के अत्यधिक सेवन से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है।

उत्तराखंड: बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच प्रदेश में हैं सिर्फ 724 वेंटिलेटर

जिससे शरीर में कोई भी बीमारी ज्यादा खतरनाक हो जाती है। ऐसे में मरीजों को संक्रमण के खतरे के साथ ही उन्हें इलाज में भी दवाओं की अतिरिक्त खुराक देनी पड़ रही है।
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उत्तराखंड: बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच प्रदेश में हैं सिर्फ 724 वेंटिलेटर

सवा करोड़ की आबादी पर सरकार एक साल के भीतर 724 वेंटिलेटर की व्यवस्था कर पाई है। बीते वर्ष मार्च में कोरोना ने प्रदेश में दस्तक दी थी। उस समय सरकारी अस्पतालों में कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के 165 वेंटिलेटरही थे। कोविड काल के दौरान वेंटिलेटरों की संख्या 724 तक पहुंच गई है। जबकि कोरोना की दूसरी लहर से पहले की तुलना में ज्यादा खतरा है।

वर्तमान में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए 38 कोविड अस्पताल और 415 कोविड केयर सेंटर हैं। जहां पर लगभग 31 हजार आईसोलेशन बेड हैं। कुल ऑक्सीजन बेड की क्षमता 3317 है, इनमें से 555 बेड पर कोरोना संक्रमित भर्ती हैं। इसी तरह आईसीयू बेड की संख्या 815 है। इनमें से 119 आईसीयू बेड पर संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है। कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए 724 वेंटिलेटर प्रदेश में उपलब्ध हैं, इसमें वर्तमान में 18 वेंटिलेटरों पर मरीज हैं।

उत्तराखंड में कोरोना: सोमवार को 1334 नए संक्रमित मिले, सात मरीजों की हुई मौत 

प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने से सक्रिय मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिससे अस्पतालों में कोविड इलाज का दबाव बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड को काबू करने के लिए अब पुरानी रणनीति पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में संक्रमण के साथ मरीजों की मृत्यु दर बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती है।
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