अलविदा 2019: सिस्टम नींद में सोया था कोर्ट ने जगाया, बेपर्दा हुआ छात्रवृत्ति में लूट का धंधा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 29 Dec 2019 10:31 AM IST
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समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना में हुई लूट के लिए 2019 हमेशा याद रहेगा। पहली बार घोटाले की जांच के फंदे में कई बड़ी मछलियां भी आईं। छात्रवृत्ति योजना में हुई इस लूट का धंधा बेपर्दा हुआ। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सरकार बेशक छात्रवृत्ति के धंधेबाजों को सलाखों को पीछे भेजने का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, लेकिन सच्चाई यही है कि एसआईटी की जांच का आदेश करके सरकारी तंत्र गहरी नींद में सो गया था।
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आदेश होने के करीब एक साल तक एसआईटी का गठन नहीं हुआ। एसआईटी बनीं तो उसे दस्तावेज देने में हीलाहवाली हुई। सोये और लचर सिस्टम को नींद से जगाने का कार्य उच्च न्यायालय ने किया। एसआईटी जांच में हीलाहवाली के खिलाफ समाजसेवी रविंद्र जुगरान न्यायालय पहुंचे। न्यायालय ने सरकार और एसआईटी को ताकीद किया कि एक निश्चित अवधि में जांच कर परिणाम सामने लाए जाएं।
इसके बाद घोटाले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में जो तेजी आई, उसने शिक्षण संस्थानों और समाज कल्याण विभाग के भीतर खलबली मचा दी। सूत्रों के अनुसार, छात्रवृत्ति घोटाले में अब तक दो दर्जन शिक्षण संस्थानों की जांच के बाद कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। 15 से अधिक लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
इनमें समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक से लेकर समाज कल्याण अधिकारी व सहायक समाज कल्याण अधिकारी तक शामिल हैं। उनमें कुछ जमानत पर बाहर हैं तो कुछ अब भी जेल में जमानत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस एक साल में एसआईटी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करके जीरो टॉलरेंस को सही अर्थों में सार्थक करने का प्रयास किया है।

51 एफआईआर, कई गिरफ्तारियां

एसआईटी जांच के दौरान छात्रवृत्ति घोटाले में अब तक 51 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और कई गिरफ्तारियां की गई हैं। अकेले हरिद्वार जनपद में एसपी मंजूनाथ टीसी के प्रभार वाली एसआईटी ने 27 मुकदमे दर्ज किए हैं। आठ एफआईआर देहरादून में हुई हैं। आईजी संजय गुंज्याल के प्रभार वाली एसआईटी ने यूएस नगर, नैनीताल और चंपावत में 17 मुकदमे दर्ज किए हैं। दोनों एसआईटी की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, छोटी और बड़ी मछलियां जाल में फंसती जा रही हैं। 

सीखा सबक: छात्रवृत्ति और पेंशन योजना में हुए बदलाव

एसआईटी जांच के बाद समाज कल्याण विभाग में बेशक दहशत का माहौल है। इस घोटाले के उजागर होने के बाद छात्रवृत्ति आवंटन की पुरानी प्रक्रिया में आमूल चूल बदलाव करने पड़े हैं। छात्रवृत्ति योजना में ही नहीं बल्कि पेंशन आवंटन की प्रक्रिया में भी विभाग लगातार सुधार करने के प्रयास कर रहा है।

अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण डॉ. रामविलास यादव कहते हैं, ‘छात्रवृत्ति योजना को नेशनल पोर्टल से जोड़ा गया है। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आधार लिंक के साथ छात्र के खाते में छात्रवृत्ति भेजने की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

ये प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। छात्रवृत्ति का पुराना बैकलाग भी पूरा किया जा रहा है। समय पर छात्रवृत्ति और पेंशन के लिए पहली बार एकमुश्त धनराशि विभाग को जारी कर दी गई है। इससे विभाग को अब बार-बार शासन का मुंह नहीं ताकना होगा।
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