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Weather: 33 घंटे बाद खुला टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे, धारचूला में भारी भूस्खलन में दबकर कई मवेशी मरे

संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 08 Aug 2022 11:20 PM IST
सार

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर पूरे 33 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। स्वांला में मंदिर के पास मलबा आने से शनिवार रात दस बजे राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया था।

धारचूला में भूस्खलन
धारचूला में भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

धारचूला के तवाघाट-सोबला मोटर मार्ग पर स्थित कोकलाखेत में सोमवार को अचानक भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से एक गोशाला को नुकसान पहुंचा है। गोशाला में बंधी एक गाय, बछड़ा और कुछ मुर्गियां दबकर मर गईं। प्रशासन ने क्षति के आकलन के लिए राजस्व टीम भेजी है। तहसीलदार डीके लोहनी ने बताया कि दिन में भूस्खलन होने से नुकसान की जानकारी मिली है। क्षति का आकलन करने के लिए टीम भेजी गई है। एक मकान को भी आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की सूचना है। ऊर्जा निगम के जेई आशुतोष ने बताया कि भूस्खलन के कारण बिजली के खंबे भी धराशायी हुए हैं। इससे कुछ हिस्से की बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। संवाद


33 घंटे बाद खुला टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर पूरे 33 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। स्वांला में मंदिर के पास मलबा आने से शनिवार रात दस बजे राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया था। एनएच को सोमवार सुबह 7:25 बजे खोला जा सका। इसी के साथ रोडवेज बसों के अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई। 



छह अगस्त की रात करीब दस बजे चंपावत से 23 किलोमीटर दूर स्वांला मंदिर के पास भारी मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया था। लगातार मलबा और पत्थर लुढ़कने से सड़क का 75 मीटर हिस्सा बुरी तरह टूटने की वजह से रविवार को  सड़क खोलने के काम में भी सफलता नहीं मिल सकी। एनएच खंड के ईई सुनील कुमार ने बताया कि पहाड़ी से पत्थरों के लुढ़कने से खतरे के मद्देनजर रविवार रात को काम बंद कर दिया। तड़के पांच बजे से दो मशीनों से पहाड़ी की ओर कटिंग कर सड़क खोली गई। सोमवार सुबह 7:25 बजे सड़क खुली और आवाजाही सुचारु हो सकी। 

इधर, तहसीलदार ज्योति धपवाल देर रात तक सड़क खुलवाने के लिए मौके पर डटीं रहीं। अलबत्ता एक बार फिर सुबह 10:13 बजे इसी स्थान पर मलबा आने से सड़क पर आवाजाही में अड़चन आई लेकिन 20 मिनट के भीतर मलबा हटाए जाने से सुबह 10:33 बजे फिर से वाहनों का संचालन शुरू हो गया।

लोहाघाट डिपो को तीन लाख का नुकसान 

सोमवार को रोडवेज के लोहाघाट डिपो की 12 बसों का संचालन किया गया। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि दिल्ली के लिए चार, देहरादून के लिए दो और गुरुग्राम, बरेली, हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर और ऋषिकेश के लिए एक-एक बस सेवा संचालित की गई। निगम के लोहाघाट डिपो को ही सड़क बंद होने से तीन लाख रुपये का झटका लगा।

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