बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

उतराखंड: मणिपुर में शहीद हुआ खटीमा का जवान, सैन्य सम्मान के साथ शारदा घाट पर हुई अंत्येष्टि

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खटीमा (ऊधम सिंह नगर) Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 21 Jul 2021 11:36 PM IST

सार

शहीद हयात सिंह महर का उल्फा उग्रवादियों ने 12 जुलाई को अपहरण कर लिया था और 16 जुलाई को उनका पार्थिव शरीर मिला था।
विज्ञापन
शहीद हयात सिं की अंत्येष्टि
शहीद हयात सिं की अंत्येष्टि - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें

विस्तार

मणिपुर में शहीद खटीमा में झनकट निवासी आसाम राइफल्स के हवलदार हयात सिंह महर का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके निवास स्थान झनकट पहुंचा। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही परिजन बदहवास हो गए। शहीद का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ बनबसा शारदा घाट पर किया गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। 
विज्ञापन


हवलदार हयात सिंह महर (48) पुत्र स्व. त्रिलोक सिंह 31 आसाम राइफल्स में मणिपुर में तैनात थे।  वह 1992 में भर्ती हुए थे। मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट तहसील के ग्राम जमतड़ निवासी हयात सिंह का परिवार झनकट की डिफेंस कॉलोनी में रहता है। बुधवार तड़के शहीद का पार्थिव शरीर लेकर रेजीमेंट के दो अधिकारी उनके निवास स्थान पहुंचे तो परिजनों के करुण क्रंदन से  माहौल गमगीन हो गया।


शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे 31 आसाम राइफल्स के सूबेदार पूरन सिंह ने बताया कि शहीद हयात सिंह महर का उल्फा उग्रवादियों ने 12 जुलाई को अपहरण कर लिया था और 16 जुलाई को उनका पार्थिव शरीर मिला था। बनबसा छावनी स्थित 8 जेकलाई रेजीमेंट के जवानों ने शहीद के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सेना के जवान पार्थिव शरीर को लेकर शारदा घाट पहुंचे। वहां जेकलाई रेजीमेंट के जवानों ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद शहीद का अंतिम संस्कार हुआ। 

नानकमत्ता विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा समेत अन्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि
नानकमत्ता विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने भी उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कुंवर सिंह खनका ने भी शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए।  भाजपा जिला मंत्री भुवन जोशी, कमान जेठी, ललित बोरा, लक्ष्मण सिंह मनौला, भीम सिंह, कृष्णा बोरा, दीवान सिंह धामी, हरीश अधिकारी, शंकर बोरा, दीवान चुफाल ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद हवलदार महर अपने पीछे पत्नी चंद्रा महर, पुत्री रेखा (21) व पुत्र अमित सिंह महर (18) को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। शहीद की पुत्री रेखा बीएससी व पुत्र अमित बीटेक की पढ़ाई कर रहे है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X