पतंजलि योगपीठ में साध्वी ने पांचवीं मंजिल से कूदकर दी जान, सात पन्नों का सुसाइड नोट मिला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 04 Oct 2021 12:32 AM IST

सार

रविवार को हरिद्वार में बहादराबाद के शांतरशाह स्थित पतंजलि योगपीठ की शाखा वैदिक कन्या गुरुकुल में पढ़ाई कर रही साध्वी वराग्या संदिग्ध परिस्थितियों में गुरुकुल की छत से कूद गई।
पतंजलि योगपीठ
पतंजलि योगपीठ - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र स्थित पतंजलि योगपीठ के शिक्षण संस्थान वैदिक कन्या गुरुकुल में रहकर अध्ययन और अध्यापन कर रही साध्वी ने पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सूचना मिलने पर एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय व बहादराबाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार साध्वी देवांग्या (24) पुत्री ईश्वरी लाल निवासी तहसील हलौरा, जिला मंदसौर मध्य प्रदेश 2018 से पतंजलि में रह रही थीं। देवांग्या योग की पढ़ाई करने के साथ अध्यापन का कार्य भी कर रही थीं। रविवार सुबह 11 बजे देवांग्या वैदिक कन्या गुरुकुल के हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से कूद गई। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने उनको खून से लथपथ पड़े देखा तो इसकी सूचना कर्मचारियों को दी। बताया जाता है कि कर्मचारी साध्वी को लेकर भूमानंद अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय बहादराबाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला। सुसाइड नोट में धार्मिक बातें लिखी हैं। जिससे आत्महत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। 

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सात पन्नों का मिला सुसाइड नोट
पुलिस को जांच के दौरान गुरुकुल से सात पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें साध्वी ने आत्महत्या की वजह साफ नहीं लिखी है। हां एक पन्ने पर बिना नाम लिखे किसी का जिक्र किया है, उसे उसने बहुत सुनाया था। अब वह शख्स  कौन है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।

एक पन्ने पर लिखा गायत्री मंत्र

साध्वी के सुसाइड नोट ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साध्वी ने लिखा है कि अपने मन की बात किसे कहूं। मैंने कोई गलत कार्य नहीं किया। वहीं एक पन्ने पर गायत्री मंत्र लिखा हुआ था। जबकि सातों पन्नों के ऊपर ओम लिखा है। साध्वी ने मौत का जिम्मेदार किसी को नहीं ठहराया है। साध्वी ने खुद को सांसारिक जीवन के लायक खुद को नहीं बताया है। संन्यास में ही मरने की इच्छा जताई है। लिखा है योग में ही मुक्ति लेना चाहती थी।

कई लोगों का किया जिक्र
साध्वी को अंग्रेजी व कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है। उसने अपने सुसाइड नोट में देवपूर्णा दीदी का भी जिक्र किया है। इसके साथ ही स्वामी, आचार्य, गुरुदेव, माता पिता से लेकर भाई को प्रणाम भी किया है।

मृतक साध्वी के परिजनों को घटना की सूचना दी गई है। इसके साथ ही शव का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है।
- कमलेश उपाध्याय, एसपी सिटी हरिद्वार

हमें इस मामले में कोई बात नहीं कहनी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री पतंजलि योगपीठ 
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