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UKSSSC: पूछताछ में धीरे-धीरे खुल रहे राज, चार और परीक्षाओं में आ रही धांधली की बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 06 Aug 2022 12:30 AM IST
सार

पेपर लीक मामले में जिस दिन से गिरफ्तारियां शुरू हुई हैं, रोज नई-नई बातें सामने आई हैं। पहले करीब 27 ऐसे अभ्यर्थियों के नाम सामने आए थे, जिन्होंने नकल करके विभिन्न परीक्षाएं पास कीं और नौकरी हासिल की।

परीक्षा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
परीक्षा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media
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विस्तार

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा में पेपर लीक के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई और परीक्षाओं में भी नकल की बात सामने आई है। हालांकि, मामले पुराने होने के चलते पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि हाल में गिरफ्तार किए गए कोर्ट के कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं।



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दरअसल, पेपर लीक मामले में जिस दिन से गिरफ्तारियां शुरू हुई हैं, रोज नई-नई बातें सामने आई हैं। पहले करीब 27 ऐसे अभ्यर्थियों के नाम सामने आए थे, जिन्होंने नकल करके विभिन्न परीक्षाएं पास कीं और नौकरी हासिल की। सूत्रों के अनुसार, अब कोर्ट के कर्मचारियों ने भी एसटीएफ के सामने नकल की बात स्वीकारी है। बताया जा रहा है कि वह खुद परीक्षाओं में नकल से ही पास हुए हैं। यही नहीं, कई कर्मचारियों के पास पर्याप्त अर्हता भी नहीं है।

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सूत्रों के अनुसार, यदि जांच हुई तो प्रदेश के कई बड़े दफ्तरों से ऐसे कर्मचारी गायब हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि इन्होंने हरिद्वार के कुछ नकल माफिया के साथ मिलकर चार परीक्षाओं में पेपर लीक कराए थे। ये परीक्षाएं बीते कुछ वर्षों में ही हुई हैं। नकल माफिया में से कुछ पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं। उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाइयां भी की गई हैं। हालांकि, पूछताछ के आधार पर एसटीएफ इन आरोपियों तक पहुंच पाती है या साक्ष्य मिलते हैं या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

सेवानिवृत्त कर्मियों का भी हो सकता है हाथ 

बताया जा रहा है कि यदि नकल मफिया पकड़े जाते हैं तो कई बड़े नाम और सामने आएंगे। विभाग के अंदर सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारियों की भी इसमें मिलीभगत की बात सामने आ रही है। हालांकि, अभी तक इनके खिलाफ भी पर्याप्त सुबूत नहीं मिले हैं। 

जनप्रतिनिधि बोला- निजी काम से आया बैंकॉक 
जिस जनप्रतिनिधि का नाम इस मामले में सामने आ रहा है, उन्होंने शुक्रवार को मीडिया को बयान दिया है। उनका कहना है कि वह विदेश भागकर नहीं आए हैं बल्कि निजी काम के लिए बैंकॉक में हैं। उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। जनप्रतिनिधि ने खुद को फंसाने की बात भी कही।

मनोज जोशी से मिले कई अहम दस्तावेज
पेपर लीक मामले में रिमांड पर लिए गए मनोज जोशी की निशानदेही से कई दस्तावेज हासिल किए गए हैं। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मनोज जोशी निवासी मयोली, दनिया, जिला अल्मोड़ा को शुक्रवार को एक दिन की रिमांड पर लिया गया। जोशी आयोग में पीआरडी के जरिये काम कर चुका है। पेपर लीक के वक्त आयोग को तकनीकी सहयोग देने वाली कंपनी से जुड़ा था। पेपर आयोग के अंदर से निकालने वाले जयजीत दास से मनोज जोशी पहले से संपर्क में रहा है। मनोज जोशी से एसटीएफ ने ये तथ्य जुटाए कि पेपर कहां-कहां बेचा गया।  
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