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चमोली जल प्रलय : सुरंग में मलबा बना बाधा, 100 मीटर पर अटका काम, अब तक मिले 33 शव, 170 लापता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 10 Feb 2021 08:57 PM IST

सार

उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा में आई जल प्रलय से 170 लोग अभी भी लापता हैं, इनमें से टनल में फंसे हुए करीब 35 मजदूरों को निकालने की कवायद जारी है। वहीं, 34 शव निकाले जा चुके हैं, इनमें से 9 की शिनाख्त हो गई है। बुधवार को चौथे दिन भी राहत बचाव कार्य जारी है। वहीं मंगलवार काे रातभर टनल से मलबा हटाने का कार्य चला। इस दौरान ड्रोन की भी मदद ली गई। बताया जा रहा है कि अभी टनल से मलबा हटाने में और समय लगेगा। पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
 
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chamoli disaster
chamoli disaster - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

ऋषिगंगा में जल प्रलय के बाद तपोवन जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे तीन इंजीनियरों समेत 35 कर्मचारियों तक पहुंचने में सुरंग के जरिए भारी मात्रा में आ रहा मलबा बचाव दल के समक्ष बड़ी बाधा बनकर सामने आया है।
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चमोली आपदाः नदियों के संगम पर झील बनने और रैणी गांव में दरार दिखाई देने का दावा कर रहे ग्रामीण


100 मीटर के आगे खोदाई के बाद बचाव दल को उम्मीद बंध गई थी कि वे फंसे लोगों तक जल्द पहुंच जाएंगे। बचाव कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहे गढ़वाल के आयुक्त रविनाथ रामन ने जानकारी दी कि सुरंग में 100 मीटर के पास जितना मलबा निकाला जा रहा है, दोबारा उतना ही मलबा इकट्ठा हो जा रहा है। इसलिए उससे आगे बढ़ना मुमकिन नहीं हो पा रहा है।

बुधवार को एक अज्ञात का शव श्रीनगर और एक रुद्र प्रयाग से मिला। इसको लेकर आपदा के बाद मिले शवों की संख्या 33 हो गई है। लापता बताए लोगों में से एक सहारनपुर और दूसरा चमोली में मिला। लापता लोगों की कुल संख्या 170 रह गई है।  दूसरी ओर  हेलीकॉप्टर से लगातार नीती घाटी के गांवों में राहत सामग्री वितरित की जा रही हैं।

ऋषि गंगा की जल प्रलय के बाद उपजे हालात से पूरी मशीनरी जूझ रही है। तपोवन परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग से मलबा हटाने का काम रात-दिन जारी है। बताया जा रहा है कि तीन किलोमीटर लंबी सुरंग के 180 मीटर पर एक मोड़ है। इसी मोड़ पर लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

पहले दावा किया गया था कि आईटीबीबी का बचाव दल मलबा हटाते हुए 150 मीटर तक पहुंच गया है। लेकिन रात लगभग नौ बजे गढ़वाल आयुक्त ने लगभग सौ मीटर तक ही सुरंग का मलबा साफ करने की जानकारी दी। मंगलवार रात को सुरंग में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए ड्रोन की मदद ली गई थी, लेकिन मलबा अधिक होने के कारण  ड्रोन अधिक दूरी तक नहीं जा सका। वहीं आपदा क्षेत्र से बहकर रुद्रप्रयाग पहुंचे शव की शिनाख्त सूरज पुत्र बेेचू लाल, निवासी- बाबूपुर, जिला- लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।

प्रियंका गांधी पहुंची दून, आपदा पर दुख जताया

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार सुबह 10:30 पर अचानक ही दून पहुंच गईं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रियंका का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि वह किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए सहारनपुर रवाना हो गईं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने चमोली आपदा पर दुख प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।


एक माह का वेतन आपदा राहत कोष में देंगे बंशीधर भगत

आपदा प्रभावित तपोवन और रैणी क्षेत्र में पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। साथ ही अपने एक माह का वेतन आपदा राहत कोष में देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटी है। 
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जल प्रलय के बाद उपजे हालात से जूझ रही पूरी मशीनरी

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