उत्तराखंड एक्सक्लूसिव: नजूल भूमि पर काबिज डेढ़ लाख लोगों को जल्द राहत देने की तैयारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 29 Aug 2020 03:00 AM IST

सार

  • - बनाई जा रही है फ्री होल्ड की नीति, करीब डेढ़ लाख लोगों को होगा फायदा
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड सरकार नजूल भूमि पर काबिज करीब डेढ़ लाख लोगों को राहत दे सकती है। सरकार जल्द ही नजूल नीति लाने जा रही है। शासन  स्तर पर नीति लाने को लेकर कसरत शुरू हो गई है। 2009 की नजूल नीति के तहत सरकार ने लीज और कब्जे की भूमि को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया आरंभ की थी, लेकिन मामला न्यायालय में चला गया था। तब से सरकार नई नजूल नीति को लेकर असमंजस में रही है।
विज्ञापन


लेकिन अब सरकार ने नजूल नीति लाने का फैसला कर लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नजूल नीति लाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विधिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नजूल नीति का प्रस्ताव तैयार कर रही है। वर्तमान में सरकार नजूल की भूमि केवल सरकारी कार्यों के लिए ही आवंटित कर सकती है।   


ये होती है नजूल भूमि
सरकार के कब्जे की ऐसी भूमि जिसका उल्लेख राजस्व रिकॉर्ड में नहीं है। ऐसी भूमि का रिकॉर्ड निकायों के पास होता है।

हम जल्द ही नई नजूल नीति लाने जा रहे हैं। इससे लोगों को राहत मिलेगी। सरकारी भूमि का उपयोग भी हो सकेगा। अधिकारियों को नीति का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री

नजूल नीति लाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं, इस पर कार्यवाही चल रही है। इसके सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। 
- शैलेश बगौली, सचिव आवास

नजूल नीति : विधिक और कानूनी पहलुओं का गहराई से हो अध्ययन

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को नजूल नीति को तैयार करते समय सभी विधिक और कानूनी पहलुओं का गहराई से अध्ययन करने को कहा है। सरकार की मंशा है कि नीति इतनी प्रभावी हो कि उसे न्यायालय में चुनौती न दी जा सके।

बता दें कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के अलावा नैनीताल जिले के तराई क्षेत्र में सबसे अधिक नजूल भूमि है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश में 392,204 हेक्टेयर नजूल भूमि है। इस भूमि के बहुत बड़े हिस्से पर डेढ़ लाख से अधिक लोग काबिज हैं।

कहीं भूमि लीज पर है तो कहीं इस पर दशकों से कब्जे हैं। सरकार नीति के तहत इस भूमि को फ्री होल्ड कराना चाहती है। वहीं पूर्व में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत भी नजूल नीति लाने को लेकर मुख्यमंत्री से सिफारिश कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि जिस तरह दिल्ली में कब्जेदारों को राहत दी गई, उसी तरह नजूल भूमि को फ्री होल्ड किया जा सकता है।

पूर्व में यह हो चुके प्रयास

- 2009 में सरकार ने नजूल भूमि फ्री होल्ड नीति बनाई
- इसके तहत भूमि फ्री होल्ड करने की कवायद शुरू की
- सरकार की नीति के प्रावधानों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई
- हाईकोर्ट ने नीति पर रोक लगाई और कब्जे हटाने के आदेश दिए
- मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसमें यथास्थिति बनाने के आदेश हुए
- 2018 में भाजपा सरकार ने भी नई नजूल नीति लाने की कोशिश की
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00