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सांसद हमलाः कहीं परंपरा टूटने पर तो नहीं फूटा आक्रोश?

ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर Updated Sun, 22 May 2016 03:20 AM IST
सार

  • लोगों का कहना, सांसद संग आए व्यक्ति के कहने पर ढोल बजाने पर भड़की पब्लिक 
  • स्थानीय निवासियों ने जताया था एतराज, पर नहीं माना सांसद के साथ आया व्यक्ति  
  • मान्यता है कि देवता के लिए बजाया जाता है ढोल, प्रशासन ने भी नहीं किया विरोध 

तरुण विजय पर हमला
तरुण विजय पर हमला - फोटो : AmarUjala
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विस्तार

चकराता तहसील के पोखरी गांव में दलितों संग धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने गए राज्य सभा सांसद तरुण विजय पर हमले के मामले में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। मौके से जो बातें पता चली हैं उन पर यकीन किया जाए तो सांसद संग आए एक व्यक्ति के आचरण की वजह से ही पब्लिक भड़की और इसका शिकार सांसद और दलित नेता दौलत कुंवर हुए।



जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह से पोखरी गांव में धार्मिक अनुष्ठान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। दूर-दराज के गांवों से भी लोग देव दर्शन को पहुंचे। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोगों को हुजूम उमड़ा।


शाम करीब चार बजे सांसद तरुण विजय के साथ ही आराधना ग्रामीण विकास केंद्र समिति के संरक्षण दौलत कुंवर, उनकी पत्नी सरस्वती कुंवर के साथ ही भाजपा नेता विपुल अग्रवाल ने देव दर्शन किए।

सांसद संग आए व्यक्ति के ढोल बजाने को कहने पर मामला बिगड़ा

तरुण विजय
तरुण विजय - फोटो : AmarUjala
इसी बीच सांसद के साथ गए एक व्यक्ति ने पालकी को कंधा लगाने के दौरान बाजगियों (वाद्य यंत्र बजाने वाले) से ढोल-दमाऊ बजाने को कहा। इस पर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों ने यह कहते हुए एतराज जताया कि अनुष्ठान के दौरान ढोल सिर्फ देवता के लिए बजते हैं।

इसी बीच बाजगियों के ढोल-दमाऊ बजाने के दौरान सांसद संग आए उक्त व्यक्ति ने जीत का चिह्न बनाया तो वहां मौजूद कुछ युवकों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते पूरा हुजूम युवकों के पक्ष में खड़ा हो गया और सांसद के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

इससे पहले की वहां मौजूद पुलिस कर्मी कुछ समझ पाते, भीड़ आक्रोशित हो गई। पुलिस कर्मियों ने जैसे तैसे सांसद को भीड़ के बीच से बाहर निकाला। इस बीच पीछे से भीड़ ने सांसद और उनके साथियों पर पथराव कर दिया। जिसमें सांसद और उनके साथ गए लोग घायल हो गए।

पुलिस और खुफिया बवाल की वजह जानने में जुटी 

तरुण विजय से मिलने पहुंचे सीएम हरीश रावत
तरुण विजय से मिलने पहुंचे सीएम हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
चकराता तहसील के पोखरी गांव में धार्मिक अनुष्ठान शामिल होने गए राज्य सभा सांसद तरुण विजय पर हुए हमले की घटना जन मानस के बीच कई सवाल छोड़ गई है। धार्मिक अनुष्ठान में आखिर आक्रोश की चिंगारी क्यों और कैसे फूटी, आखिरी क्षणों में आखिर ऐसा क्या हुआ कि हालात बेकाबू हो गए, ऐसे कई सवाल आम लोगों में चर्चा का विषय बने हैं। साथ ही जितने मुंह उतनी बातें पुलिस की जांच की दिशा को भटका रही हैं। पूरे बवाल की वजह जानने के लिए रेगुलर पुलिस और खुफिया एजेंसियां जी जान से जुटी हुई हैं। 

सीओ का कहना
कहीं न कहीं दलितों के दर्शनों को लेकर लोगों में आक्रोश था। कुछ न कुछ तो हुआ है, जिससे हालात बिगड़े। पुलिस की पहली प्राथमिकता दोषियों की गिरफ्तारी की है।
-चंद्रभूषण सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी
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