Dehradun : अमर उजाला कर्मवीर सम्मान में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र, किया कोरोना कर्मवीरों का सम्मान

Dehradun Bureau न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 12:09 AM IST
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अमर उजाला कोरोना कर्मवीर सम्मान
अमर उजाला कोरोना कर्मवीर सम्मान - फोटो : amar ujala

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सारी बस्ती का खुदा होता है, जिसका दरवाजा सदा खुला होता है, मैंने कब देखा उसके चेहरे को, मेरा सिर तो उसके सजदे में झुका होता है...यह पंक्ति समर्पित है, उन कोरोना कर्मवीरों को, जिनके सामूहिक प्रयासों से हम वैश्विक महामारी से निपटने में कामयाब रहे। कोरोना काल की मुश्किल परिस्थितियों में अपनी की जान की परवाह किए बिना दूसरों की मदद करने वालो को अमर उजाला ने भी सम्मान के जरिये सलाम किया। मां तुझे प्रणाम कार्यक्रम के तहत ऐसे कर्मवीरों के उत्साहवर्द्धन के लिए अमर उजाला कोरोना कर्मवीर सम्मान कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर मुख्य अतिथि 36 कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया।
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शनिवार को ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना काल के दौरान देश व राज्य के सामने विकट संकट खड़ा था। लेकिन, प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कर्मियों, नगर निगम व अन्य सरकारी विभागों, संस्थाओं व संगठनों ने हमें कमजोर नहीं पड़ने दिया। सामाजिक संगठनों ने भोजन, मास्क व सैनिटाइजर वितरण और सामाजिक जागरूकता लाने में अहम योगदान दिया।


जरूरतमंदों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए लोगों के दिन-रात आगे बढ़कर मदद की। कई लोग महीनों तक अपने बच्चों व परिवार से दूर रहे। इस त्याग एवं समर्पण भाव के बल पर ही प्रदेश में कोरोना संकट का मजबूती से सामना किया जा सका है। अन्य राज्यों में रह रहे प्रवासियों को घर लाना भी सरकार की प्राथमिकता में रहा।

इस दौरान प्रदेश सरकार को कई कड़े निर्णय भी लेने पड़े। कई निर्णय ऐसे भी रहे जिनकी सोशल मीडिया में आलोचना हुई, लेकिन प्रदेशवासियों के हित में जो भी उचित था, वह कठिन निर्णय लेने से हम पीछे नहीं हटे। वर्क फ्रॉम होम लागू करने वाले राज्यों में भी उत्तराखंड शीर्ष पर रहा। कोरोना की वैक्सीन आने से अब खतरा काफी हद तक कम हो गया है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

कई असामाजिक तत्व वैक्सीन को लेकर अफवाहें फैलाकर भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न कर रहे हैं, लेकिन लोगों को इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन तैयार करना केंद्र सरकार और वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि है। कई देशों ने भी भारत से वैक्सीन की मांग की है। आज हम 20 से ज्यादा देशों को वैक्सीन उपलब्ध करा रहे हैं।
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