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लापरवाही पर सख्ती दिखाई तो कूडा निस्तारण और उठान ठप करने की चेतावनी दी रही कंपनी

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 11:03 PM IST
The company raised its hands on strictness
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शहर में कूड़ा उठान और निस्तारण का काम देख रही कंपनियों की लापरवाही जब सामने आई तो कंपनियों ने नगर निगम पर दबाव बनाने के लिए 31 अगस्त की रात 12 बजे से काम छोड़ने की चेतावनी दे दी। निगम भी कंपनियों की चेतावनी को गंभीरता से ले रहा है।

मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त मनुज गोयल का कहना है कि कंपनियों की जायज मांगों पर जरूर विचार किया जाएगा, लेकिन कार्य में लापरवाही और अनुबंध के विपरीत काम पर दूसरे विकल्प पर भी विचार किया जाएगा। वर्ष 2018 से शहर में कूड़ा निस्तारण और 2019 से घर-घर कूड़ा उठान का काम देख रही रैमकी और चेन्नई एमएसडब्ल्यू कंपनी ने एक सितंबर से कूड़ा निस्तारण व कूड़ा उठान का कार्य ठप करने की चेतावनी दी है। उन्होंने इसके पीछे निगम की ओर से समय से भुगतान न होने और खराब कार्यशैली बताया, लेकिन इसके पीछे कंपनियों की लापरवाही बताई जा रही है। पिछले कई दिनों से दोनों कंपनियों की लगातार के काम की लगातार शिकायतें मिल रही है। शीशमबाड़ा स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में पर्याप्त रूप से कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।

इससे प्लांट में कूड़े का ढेर बढ़ता जा रहा और आसपास के लोग बदबू से परेशान है। स्थानीय लोग आंदोलन भी कर चुके हैं। नगर निगम कई बार कंपनी को नोटिस भी दे चुकी, लेकिन इसके बाद भी कंपनी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं कर रही है। दूसरी ओर घर-घर कूड़ा उठान की भी लगातार शिकायत मिल रही है। जिस पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। जब से आईएएस मनुज गोयल ने नगर आयुक्त का कार्यभार संभाला है। वह कंपनियों के काम पर नजर रख रहे और लापरवाही पर कई बार नोटिस भी दे चुके हैं। काम में सुधार न होने पर उन्होंने भुगतान पर भी रोक लगा रखी है। अपने कार्य में लापरवाही उजागर होने पर कंपनी अब दबाव बनाने के लिए नगर निगम पर काम छोड़ने की चेतावनी दे रही हैं।
कंपनियों की चेतावनी पर निगम भी गंभीर
कंपनियों के इस चेतावनी को नगर निगम ने भी गंभीरता से लिया है। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि कंपनी को निगम और अनुबंध के शर्तों के अनुसार काम करना होगा। कंपनी की जो भी जायज मांगें होंगी, उन पर विचार किया जाएगा, लेकिन दबाव में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दास्त नहीं होगी। कहा कि अगर कंपनी लापरवाही जारी रखती है, तो अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। शहर को यूं ही गंदगी में नहीं छोड़ा जा सकता है।
कंपनियों को कार्यों में सुधार के लिए कहा गया है। उन्हें नोटिस देने के साथ ही भुगतान रोका गया है। कंपनी के जायज मांगों पर विचार किया जा रहा, लेकिन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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