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स्वामी स्वरूपानंदः बुद्ध और महावीर के समकालीन थे आद्य शंकराचार्य

ब्यूरो/अमर उजाला,हरिद्वार Updated Fri, 12 May 2017 02:17 PM IST
Shankaracharya
Shankaracharya - फोटो : amarujala
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शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि आद्य शंकराचार्य को लेकर गलत बयानी की जाती है। बहुत से महामंडलेश्वर और साधु संत शंकराचार्य के अवतरण को 1250 वर्ष पुराना बताते हैं। वास्तव में शंकराचार्य तो बुद्ध और महावीर के समकालीन थे। उन्हें धरती पर आए 2500 वर्षों से अधिक हो चुके हैं।  
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कनखल के शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जगतगुरू शंकराचार्य ने कहा कि बौद्ध धर्म बनते ही बौद्धों द्वारा सनातन धर्मियों पर अत्याचार प्रारंभ कर दिए। बौद्धों ने बदरीनाथ के मंदिर से भगवान की प्रतिमा उठाकर नारद कुंड में फेंक दी थी।

तब आद्य शंकराचार्य ने उस प्रतिमा को निकालकर स्वयं मंदिर में प्रतिस्थापित किया। इसे मात्र 1250 वर्ष पुरानी घटना बताना गलत है। शंकराचार्य का अवतार हुए ढाई हजार वर्षों से अधिक हो चुके हैं।

जगतगुरू शंकराचार्य ने कहा कि मुसलमानों के कुछ संगठन यदि वास्तव में राम मंदिर के लिए प्रयास कर रहे हैं तो उन्हें मुस्लिम लॉ बोर्ड से न्यायालय में चल रहा मुकदमा वापस कराना चाहिए। मात्र प्रस्ताव पारित करने, बैठकें करने अथवा बयानबाजी से कुछ होने वाला नहीं है।

हाल ही में पिरान कलियर सहित देश के अनेक भागों में हुए मुस्लिम मंच के सम्मेलनों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रायोजित हैं। समस्त मुस्लिम समाज जब तक इसी मत का नहीं बनेगा, तब तक मुसलमानों को साथ लिए बगैर मंदिर बनाने में परेशानी आएगी।      

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