विज्ञापन

जंगलों के अतिथिगृहों में पर्यटकों के ठहरने पर जल्द लगेगा प्रतिबंध

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 13 Jul 2018 11:49 AM IST
Rajaji National Park
Rajaji National Park - फोटो : uttarakhandtourism
विज्ञापन
ख़बर सुनें
राजाजी टाइगर रिजर्व और जिम कार्बेट जैसे नेशनल पार्कों के अलावा प्रदेश के जंगलों में स्थित अतिथिगृहों में पर्यटकों के ठहरने पर जल्द प्रतिबंध लग सकता है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने वन क्षेत्रों के अतिथिगृहों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि इनका इस्तेमाल सिर्फ विभागीय अधिकारी ही करें। सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा है कि ऐतिहासिक अतिथिगृहों में कोई बदलाव न करते हुए उनके मूल स्वरूप में ही रहने दिया जाए। विभाग के आला अफसर कोर्ट के आदेश की पालना की तैयारी कर रहे हैं। 

वन क्षेत्रों में स्थिति अतिथिगृहों के दुरुपयोग को लेकर दक्षिण निवासी टीएन गोदावर्मन टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता ने देश भर में स्थित वन अतिथिगृहों को लेकर यह निर्देश दिए हैं। वनक्षेत्र बड़ा होने की वजह से उत्तराखंड इससे काफी प्रभावित होता है। राजाजी टाइगर रिजर्व और जिम कार्बेट नेशनल पार्क समेत राज्य के तमाम वन क्षेत्रों में कई अतिथिगृह हैं। जिसमें ठहरना दुनिया भर के पर्यटकों का सपना रहता है।

इनका इस्तेमाल वन विभाग के अफसर कम राज्य के मंत्री, विधायक, नौकरशाह और पर्यटक ज्यादा करते हैं। लेकिन, अब सुप्रीमकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि देश के वन क्षेत्रों में अतिथिगृहों का निर्माण वन विभाग के अफसरों के लिए ही किया गया है, ताकि वे अतिथिगृहों में रात्रि विश्राम कर वन और वन्यजीवों की रक्षा करें। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जिला प्रशासन के अधिकारी इन अतिथिगृहों का अधिग्रहण किसी खास स्थिति में तय समय के लिए ही करें। सिर्फ विशेष परिस्थितियों में ही बेहद कम समय के लिए अधिग्रहण की अनुमति दी जाए।

साथ ही व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए अतिथिगृहों को पीपीपी मोड में न दिया जाए। इनका इस्तेमाल पर्यटन या ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी न किया जाए। अदालत के इस फैसले के बाद अब वन विभाग के अफसर तमाम पहलुओं पर विचार-विमर्श में जुट गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, मानना ही होगा। यदि इस आदेश से सहमत नहीं तो भी सुप्रीम अदालत से ही राहत लेनी होगी। फिलहाल, अधिकारी आदेश की अक्षरश: पालना के पक्ष में है। 

सर्वोच्च अदालत के आदेश की जानकारी है। आदेश से जुड़े तमाम पहलुओं का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।  सर्वोच्च अदालत ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसका अक्षरश: पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। टाइगर रिजर्व समेत विभिन्न वन क्षेत्रों में स्थित तमाम अतिथिगृहों के पुराने स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।
- जयराज, प्रमुख वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Dehradun

आईएएस स्टिंग मामले में आरोपी मृत्युंजय मिश्रा को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक 

हाईकोर्ट ने स्टिंग ऑपरेशन मामले में अभियुक्त बनाए गए मृत्युंजय मिश्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।

12 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बंद हुए केदारनाथ मंदिर के कपाट, अगले छह महीने तक बाबा ओंकारेश्वर मंदिर में रहेंगे विराजमान

भैयादूज के पावन पर्व पर रुद्प्रयाग स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। अब अगले छह महीने तक बाबा केदार ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान रहेंगे। केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

9 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree