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माघ पूर्णिमा 2021: कोरोना के बीच हरिद्वार में सात लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, 15 निकले पॉजिटिव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 28 Feb 2021 12:15 PM IST
सार

  • बाहरी राज्यों के वाहनों से छोटी पार्किंग हुई फुल, बड़ी पार्किंग भी भेजे वाहन 
  • यातायात व्यवस्था बनाने में रात को ही जुट गई थी जिला और कुंभ पुलिस 

माघ पूर्णिमा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालु
माघ पूर्णिमा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

साल के चौथे पर्व स्नान माघ पूर्णिमा पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देर शाम तक सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी समेत प्रमुख गंगा घाटों पर स्नान करके पुण्य कमाया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद पूजा अर्चना और दान किया। कोरोना संक्रमण नियंत्रण को लेकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार घाटों का जायजा लेते रहे। गंगा स्नान सकुशल संपन्न होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। 



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शनिवार को माघ पूर्णिमा के स्नान के लिए शुक्रवार दोपहर बाद से ही बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। एक अनुमान के तहत शुक्रवार शाम तक ही तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच गए थे। रातभर भी निजी वाहनों और रोडवेज की बसों से यात्रियों का पहुंचना जारी रहा।

सुबह के समय बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की लंबी कतारें देखी गई। शनिवार तड़के ही श्रद्धालु हरकी पैड़ी पहुंचने लगे थे। जैसे जैसे उजाला हुआ सभी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। सुबह के समय गंगा घाट इस कदर पैक हो गए कि पैर रखने की जगह ही नहीं बची। 

बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ वाहनों को शिवमूर्ति चौक पर ही रोक दिया गया। भीमगोड़ा में भी भूपतवाला, खड़खड़ी और पंतद्वीप से आने वाहनों को भीमगोड़ा बैरियर से आगे नहीं जाने दिया गया। स्थानीय व्यापारियों और लोगों को पहचान पत्र देखकर अपर रोड की बजाय विष्णुघाट से आगे भेजा गया। 

हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे से आने वाले वाहनों को शहर में दाखिल नहीं होने दिया गया। सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट कोविड मानकों का पालन करवाने के लिए अधिकारियों को लगातार दिशा निर्देश देते रहे। अधिकारियों ने राज्य सीमा, पार्किंग, हरकी पैड़ी और सीसीआर में थर्मल स्क्रीनिंग और कोविड जांच केंद्रों का जायजा लिया। 

26 हजार की हुई जांच, 15 निकले पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की सीमा और मेला क्षेत्र में 26 हजार 600 श्रद्धालुओं की कोविड जांच की। जांच के दौरान 15 लोगों कोविड पॉजिटिव पाए गए। इसमें से जो लोग प्राइवेट वाहनों से आए थे उनको लौटा दिया गया। सार्वजनिक वाहनों से आए संक्रमितों को मेला अस्पताल स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। मेला क्षेत्र में कोविड जांच के लिए 50 टीम तैनात की गई थी। वहीं राज्यसीमा और विभिन्न चेक पोस्ट पर अतिरिक्त 20 टीम तैैनात की गई थी। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 30 प्राथमिक स्वास्थ्य टीम भी लगाई गई थी। सीएमओ ने बताया कि 15 श्रद्धालु पॉजिटिव पाए गए हैं। 



 

सफल रहा ट्रैफिक प्लान, नहीं लगा जाम 

मेला पुलिस का ट्रैफिक प्लान कारगर साबित हुआ। लाखों की भीड़ और सड़कों पर भारी संख्या में वाहनों का दबाव बढ़ने के बाद भी लोगों को जाम से नहीं जूझना पड़ा। पहले से ही रूट और पार्किंग निर्धारित होने से वाहनों का आवागमन आसानी से होता रहा। कई जगहों पर यातायात परिवर्तित भी किया गया। 

ट्रेनों में दिखी यात्रियों की भीड़ 

शनिवार की सुबह मेला क्षेत्र में हर तरफ यात्रियों की भीड़ नजर आई। रेलवे स्टेशन से यात्रियों का रैला हरकी पैड़ी की तरफ जाता नजर आया। वहीं दूसरे राज्यों से आने वाली परिवहन निगम की बसों में गिनती के ही यात्री नजर आए। रोडवेज ने माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर तैयारियां कर रखी थी। स्नान के बाद वापस जाने वाली सवारियों के लिए काफी देर तक बस चालकों को इंतजार करना पड़ा। यहीं हाल दूसरे प्रदशों से आने वाली बसों का रहा। 

पुलिस ने रुकने नहीं दी भीड़

‘तीन डुबकी एक स्नान’ फार्मूले के साथ पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को स्नान कराया। गंगा घाटों पर बैठकर न तो किसी को खाना खाने दिया और न ही हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों पर भीड़ जमा होने दी। शनिवार की सुबह से ही श्रद्धालु घाटों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। हरकी पैड़ी समेत सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। हरकी पैड़ी क्षेत्र के सभी पुलों पर भी पुलिसकर्मी तैनात नजर आए। ताकि पुलों पर भी भीड़ एकत्र न हो। पुलिसकर्मी मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं से मास्क व सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए भी नजर आए।

चप्पे-चप्पे पर रही निगरानी

माघ पूर्णिमा स्नान पर जल से थल तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने के साथ ही वॉच टॉवरों से निगरानी की गई। हरकी पैड़ी क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की गई। मेला नियंत्रण भवन में बने आधुनिक कंट्रोल रूम में लगे विशेष सीसीटीवी से पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी। उत्तराखंड पुलिस के जवानों के साथ ही अर्द्धसैनिक बल और एनएसजी के कमांडो तैनात रहे। डॉग स्क्वायड के साथ भी चेकिंग की गई। हरकी पैड़ी क्षेत्र में कई जगह पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। हरकी पैड़ी पर बने वॉच टॉवर के अलावा अन्य ऊंचाई वाले स्थानों पर स्नाइपर भी तैनात किए गए थे।

माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व

स्नान के दौरान लापरवाही बर्दाश्त नहीं : गुंज्याल 

माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर कुंभ आईजी संजय गुंज्याल ने पुलिस कर्मियों को ब्रीफ किया था। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को स्नान शुरू होने से खत्म होने तक अलर्ट रहना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वीकेंड के चलते दो दिन बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं। 

भल्ला कॉलेज के स्टेडियम में अस्थायी कुंभ पुलिस लाइन में आईजी संजय गुंज्याल और अन्य पुलिस अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों एवं अर्द्धसैनिक बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने कहा कि लगभग सभी अखाड़ों की पेशवाई सज चुकी हैं। माघ पूर्णिमा से कुंभ का आरंभ माना जाता है। परिस्थितियों के अनुसार जो भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए जाए। सभी सेक्टर इंचार्ज हर दो घंटे में अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट की स्थिति मेला कंट्रोल रूम को बताएं। जिलाधिकारी सी रवि शंकर ने कहा कि अभी तक हुए स्नानों ने शाही स्नानों को कराने के अभ्यास का मौका दिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने कहा कि छोटी लापरवाही समस्या खड़ी कर सकती है।  एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि इस स्नान पर्व पर पिछले 3 स्नानों से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पुलिस उपाधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल ने आपसी संपर्क के लिए स्थापित किए रेडियो ग्रिड व्यवस्था के बारे में बताया। 

इन राज्यों के श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान

माघ पूर्णिमा स्नान के लिए पंजाब से सबसे अधिक श्रद्धालु कुंभनगरी पहुंचे। इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र से देव डोलियों को स्नान के लिए लाया गया था। ढोल-दमाऊं की पर नाचते श्रद्धालुओं को हर कोई मंत्रमुग्ध होकर निहार रहे थे। कई लोगों ने देव डोलियों के समक्ष श्रद्धा भाव से शीश नवाया। 
    
घाटों पर भी भीड़ नियंत्रण के लिए थे इंतजाम

 गंगा घाटों श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए भी प्रशासन और पुलिस ने विशेष इंतजाम किए थे। इसके लिए सीसीआर, गऊघाट, पंतद्वीप के पास आने वाले श्रद्धालुओं के संकरा रास्ता बनाया गया था। जबकि जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अपेक्षाकृत बड़ा रास्ता था। इसके साथ घाटों पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लोगों को स्नान के बाद बाहर जाने की अपील भी कर रहे थे। 

माघ पूर्णिमा पर बॉर्डर पर उमड़ा सैलाब, पुरकाजी तक जाम

माघ पूर्णिमा पर नारसन बॉर्डर पर दूसरे प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का जैन सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बॉर्डर से हरिद्वार की सीमा में प्रवेश किया। इस दौरान बॉर्डर पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग, 6700 श्रद्धालुओं की एंटीपीसीआर और एंटीजन जांच हुई। जबकि 3230 श्रद्धालु अपनी कोरोना जांच लेकर बॉर्डर पर पहुंचे। बॉर्डर पर भारी भीड़ जुटने से करीब दो किलो मीटर तक जाम लग गया। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
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