हरिद्वार : कांस्टेबल कल्पना के ‘बाबू’ शब्द कहते ही खुल जाता है जाम, कई वाहन चालक करते हैं सैल्यूट

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 26 Oct 2020 02:34 PM IST
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कल्पना गहलोत
कल्पना गहलोत - फोटो : अमर उजाला

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कल्पना गहलोत... यह नाम हरिद्वार के लोगों के लिए गुमनाम नहीं है। पुलिस के आला अफसरों और कैबिनेट मंत्री से लेकर अधिकतर आम लोग इन्हें बखूबी जानते और पहचानते हैं।
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मौसम कोई भी हो, पुलिस कांस्टेबल कल्पना चौराहों पर खुले आसमान के नीचे ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाती हैं। मुस्कुराहट बिखेरकर वाहन चालकों का अभिवादन करती हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को फटकारने के बजाय ‘बाबू’ शब्द से संबोधन कर समझाती भी हैं।
कल्पना गहलोत मृतक आश्रित कोटे से कांस्टेबल हैं। पति उपनिरीक्षक अतीत गहलोत के वर्ष 2003 में आकस्मिक निधन के बाद कल्पना दो बच्चों की जिम्मेदारी बखूबी निभाने के साथ वर्ष 2007 में बतौर कांस्टेबल पुलिस विभाग में भर्ती हुईं।
पिछले दस वर्षों से कल्पना हरिद्वार में तैनात हैं। उनके व्यवहार से हर कोई प्रभावित है। ठंड हो या गर्मी या बारिश, वह प्रमुख चौराहों पर ड्यूटी कर यातायात संभालती हैं। चौराहों से गुजरने वाले वाहन चालकों को मुस्कुराहट बिखेरकर उनका अभिवादन करती हैं। 
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चार चौराहों पर संभालती हैं यातायात की कमान

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