एक्सक्लूसिव: अब माणा में भी आभा बिखेरना लगा नील कमल, समय से पहले ही खिल गए कई फूल

कुंदन बिष्ट, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 16 Sep 2020 01:17 PM IST
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नील कमल
नील कमल - फोटो : अमर उजाला

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सार

  • अपने प्राकृतिक क्षेत्र से एक हजार मीटर नीचे फूल खिलने से इसके संरक्षण की जगी उम्मीद

विस्तार

समुद्रतल से 45 सौ मीटर से भी अधिक ऊंचाई पर खिलने वाला नील कमल अब इससे कहीं कम ऊंचाई पर भी आभा बिखेर रहा है। बदरीनाथ धाम से कुछ दूरी पर स्थित सीमांत माणा के संरक्षण केंद्र में वन अनुसंधान केंद्र ने नीलकमल को उगाने और पुष्पित करने में सफलता पाई है। इस केंद्र में फूलों की अति दुर्लभ प्रजातियां राज्य पुष्प ब्रह्म कमल, फैन कमल भी संरक्षित की गईं हैं। 
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ग्लोबल वार्मिंग, वनों के अवैध कटान और खनन के चलते वनस्पतियों की कई प्रजातियां विलुप्त होती जा रहीं हैं। वन अनुसंधान केंद्र ऐसी प्रजातियों को संरक्षित करने की दिशा में काम कर रहा है। वन अनुसंधान केंद्र ने समुद्रतल से करीब 33 सौ मीटर तक की ऊंचाई पर स्थित माणा में वन पंचायत की करीब एक एकड़ भूमि पर संरक्षण केंद्र बनाया है।
इस केंद्र में ब्रह्मकमल, फैन कमल और 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर पाए जाने वाले नील कमल को संरक्षित कर लिया गया है। इन तीनों फूलों का औषधीय महत्व भी है। तिब्बत क्षेत्र में इनका औषधि के रूप में प्रयोग होता है। 
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फूल बैंक में इस फूल को लगाने में सफलता मिली

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