विधायक ने कांग्रेस की 'चाल' के ‌‌खिलाफ खोला मोर्चा

अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Feb 2014 11:18 AM IST
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पीडीएफ की बहुगुणा सरकार में जो हिस्सेदारी रही है वही अब सीएम हरीश रावत की सरकार में रहेगी।

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दिल्ली से पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने पीडीएफ के सातों विधायकों के कैबिनेट मंत्री या दर्जा देने की मांग को न तो अस्वीकारा और न ही मुहर लगाई। कांग्रेस की चाल से पीडीएफ की एकजुटता दरकने लगी है।

साथियों को जोड़े रखने की चुनौती
कैबिनेट मंत्री की कुर्सी न मिलने से विधायक दिनेश धनै ने पीडीएफ का साथ जोड़ने का ऐलान कर अपना विरोध जता दिया है। अब पीडीएफ नेताओं के सामने अपने साथियों को जोड़े रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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दोपहर पौने एक बजे पहले पीडीएफ के सदस्य निर्दलीय मंत्री प्रसाद नैथानी, हरीश दुर्गापाल और दिनैश धनै और उक्रांद के प्रीतम पंवार पहुंचे। कुछ देर बाद बसपा के सुरेंद्र राकेश, हरी दास, सरबत करीम अंसारी भी बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंच गए।

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प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी और पर्यवेक्षक गुलाम नबी आजाद और जनार्दन द्विवेदी और सांसद हरीश रावत के साथ उनकी बंद कमरे में बैठक शुरू हुई। इस बैठक के शुरू होने के कुछ देर बार सांसद सतपाल महाराज और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को भी बुलाया गया।

पीडीएफ को सिर्फ आश्वासन
लगभग दो घंटे तक चली बैठक के बाद पीडीएफ ने हरीश रावत के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया, लेकिन उसकी एवज में पीडीएफ को सिर्फ आश्वासन मिला है। बैठक में कैबिनेट मंत्री की संख्या चार से बढ़ाने को लेकर जमकर खींचतान चली, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने पीडीएफ के खाते में मंत्रियों की संख्या में फिलहाल कोई इजाफा नहीं किया।

इससे विधायक और गढ़वाल विकास निगम के अध्यक्ष टिहरी विधायक दिनैश धनै बेहद नाराज हो गए। धनै पीडीएफ सहयोगियों को छोड़कर बाहर वीआईपी लाबी में आ पहुंचे। धनै ने साफ कर दिया कि कांग्रेस ने उनके साथ दूसरी बार धोखा किया है।

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पीडीएफ उनकी पक्ष में पैरवी नहीं कर पाया इसलिए वह उसे भी छोड़ देंगे। धनै की निराशा और हताशा को देखते हुए पीडीएफ की दोबारा से आपस में एक बैठक हुई। बैठक के बाद पीडीएफ अध्यक्ष मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी दोबारा धनै को साथ लेकर बंद कमरे में बैठक करने लगे।

आधा घंटा तक चली बैठक बेनतीजा रही, जिसके बाद दिनेश धनै ने साफ किया कि वह अब पीडीएफ का हिस्सा नहीं है। धनै ने कहा कि वह बतौर निर्दलीय विधायक अपनी राह चुनेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को उनका समर्थन रहेगा, लेकिन वह जीएमवीएन अध्यक्ष की कुर्सी भी छोड़ देंगे।

हमारी कांग्रेस नेताओं और सीएम हरीश रावत से कई शर्तों पर वार्ता हुई। दिनेश धनै को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने का आश्वासन कांग्रेस नेतृत्व ने दिया है। हमारी अन्य मांगे यथावत हैं, जिसपर वार्ता जारी रहेगी। अगर कांग्रेस नहीं मानी तो समर्थन पर पुनर्विचार होगा।
- कैबिनेट मंत्री प्रसाद नैथानी, पीडीएफ अध्यक्ष

सरकार को हमारा समर्थन जारी है, सातों विधायकों के लिए मंत्री पद की बात हमने रख दी है। विधायक दिनेश धनै हमारे साथ हैं और उनके लिए हमारी मांग जारी रहेगी। हम यह साफ कर चुके हैं कि पीडीएफ अपनी शर्तों पर ही समर्थन देगी।  - कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश, बसपा

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