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साइबर क्राइम से बचा रही छात्रों की ‘सीबीआई’

आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 16 Feb 2015 12:40 PM IST
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दिनों दिन मजबूत होती साइबर क्राइम की जड़ को उखाड़ने के लिए देहरादून के छात्रों ने 'सीबीआई' बनाई है।

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आप एटीएम इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपको पता नहीं होगा कि एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो एक ही पल में आपके एटीएम कार्ड की डिटेल कॉपी कर लेता है।

इसके बाद बैलेंस एक झटके में साफ। वर्चुअल वर्ल्ड में ऐसे नए तरह के साइबर अपराध तेजी से पनप रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह है जानकारी का अभाव। इस अज्ञानता को दूर करने के लिए देहरादून की यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) के 10 छात्रों ने साइबर ब्लॉग इंडिया (सीबीआई) टीम बनाई है।

यह युवा मुफ्त में शिक्षण संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक कर रहे हैं। यूपीईएस के बीटेक इन कंप्यूटर साइंस एलएलबी (स्पेशलाइजेशन इन साइबर लॉ) के इन छात्रों ने अपनी पढ़ाई के दौरान यह पाया कि साइबर अपराधों के प्रति बेहद पढ़े लिखे तबके में भी भारी अज्ञानता है। इसलिए उन्होंने सीबीआई बनाई।


जेब खर्च से वेबसाइट लांच की। छुट्टी के दिन टीम साइबर खतरों के प्रति जागरूक करने निकल पड़ती है। देशभर में तेजी से साइबर अपराधों में बढ़ोत्तरी हो रही है। टीम की सदस्य श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि जन धन योजना से बैंक खाते बढ़े हैं। लेकिन इसके साथ मिले एटीएम के कारण खतरे भी बढ़ गए हैं। ऐसे में इन खतरों से बचने के लिए ही वह अभियान चला रहे हैं।

यह है टीम के सदस्य

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जसकिरन सिंह, रविकांत, अभय सिंह सेंगर, रोहिताश सिंह, शशांक शर्मा, नीतीश चंदन, जैनिकस वर्गीज, श्रद्धा शुक्ला, रचयिता जैन, राज पगारिया।

इन तरीकों से ठगी
एटीएम स्किमर बहुत छोटी ड्राइव होती है। हाथ में फिट हो सकती है। जैसे रेस्तरां में आपने बिल भुगतान के लिए कार्ड वेटर को दिया, तो वह इस डिवाइस में भी कार्ड स्वैप कर सकता है और आपके एटीएम की पिन कोड सहित पूरी डिटेल डिवाइस में कापी हो जाएगी।

कई जगहों पर फ्री वाईफाई की सुविधा रहती है। इस वाईफाई का इस्तेमाल कर जैसे ही आप अपना अकाउंट खोलेंगे तो ताक में बैठा हैकर आपके सभी आईडी और पासवर्ड हैक कर सकता है। ऑनलाइन बैंकिंग में यह सबसे बड़ा खतरा है।

यह सावधानी बरतें
जो बिल भुगतान करने की स्वैप मशीन होती है, उसमें खुद जाकर कार्ड स्वैप कर पिन डालें। अपना एटीएम कार्ड दूसरे के हाथ देने से बचें। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी फ्राड से बचाव के इंतजाम हैं।

आप यहां अपने मोबाइल नंबर पर सभी गतिविधियां प्राप्त कर सकते हैं। फोन पर एक एप्स आता है, गूगल ऑथेंटिकेटर। इसमें वन टाइम पासवर्ड खुद मोबाइल जेनरेट करता है।
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