उत्तराखंड: रुड़की का लिब्बरहेड़ी गांव कंटेनमेंट जोन घोषित, 15 दिन में हुई 35 से ज्यादा मौतें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 17 May 2021 06:09 PM IST

सार

उतराखंड के रुड़की में कोरोना की दूसरी लहर गांव तक भी अपनी दस्तक दे चुकी है। इसे लेकर अब शासन-प्रशासन ने गावों में सख्ती बढ़ा दी है।
 
लिब्बरहेड़ी गांव में तैनात पुलिस
लिब्बरहेड़ी गांव में तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

रुड़की के लिब्बरहेड़ी में 15 दिनों के भीतर 35 से ज्यादा मौतों की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद नींद से जागे प्रशासन ने गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर पूरी तरह पाबंद कर दिया है। घर से बाहर निकलने पर पुलिस ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनसे सख्ती से निपटेगी। वहीं, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल ने घर-घर से ग्रामीणों की कोरोना जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय वॉलियंटर्स को सक्रियता के साथ ग्रामीणों को जांच केंद्र तक पहुंचाने को कहा है। यही नहीं, गांव में पिछले दिनों संदिग्ध हालात में हुई मौतों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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16 मई के अंक में अमर उजाला माई सिटी ने लिब्बरहेड़ी गांव में कोरोना के संदिग्ध लक्षण से पीड़ित कई ग्रामीणों की मौत और कई के बुखार से पीड़ित होने का मामला प्रमुखता से उठाया था। सोमवार को खबर का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी मंगलौर के लिब्बरहेड़ी गांव पहुंचे। यहां पर ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया कि गांव में हालात गंभीर है।


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यथास्थिति से रूबरू होने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल और एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव को सख्त पाबंदी वाला कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर दिया। प्रशासन ने कंटनेमेंट जोन घोषित करने के साथ ही पूरे गांव को चार भागों में बांट दिया है। इसके तहत, एक जोन का व्यक्ति अब दूसरे जोन में प्रवेश नहीं कर सकता है। इसके लिए पुलिस ने दो पीसीआर गाड़ियों के साथ ही पुलिस की दो टीमों का गठन भी किया है। पुलिस की ये टीमें गांव में कंटेनमेंट जोन का सख्ती से पालन कराने के साथ ही कड़ा पहरा रखेंगी।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेकर दो टीमों को गांव भेजकर ग्रामीणों की सैंपलिंग कराई। साथ ही मंदिर और मस्जिदों से एनाउंसमेंट कराकर लोगों को टेस्टिंग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिला प्रशासन के हरकत में आते ही स्थानीय पुलिस भी पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। पुलिस ने गांव में ही राशन आदि की व्यवस्था कराने के साथ ही ग्रामीणों को बाहर न निकलने के निर्देश दिए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल ने एलआईयू, आंगनबाड़ी और आशाओं को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांव में गत 15 दिनों के भीतर हुई मौतों की सूची भी तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि 14 दिनों में ग्रामीणों की जांच हो जानी चाहिए। संक्रमित के मकान को पूरी तरह से सील किया जाएगा।
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