Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli ›   Char Dham Yatra 2022: First Day Weather Update Risk Of Landslide With Rain Will Start Mati Pujan Maha Abhiyan Today

Char Dham Yatra 2022 : चारधाम यात्रा आज से, पहले ही दिन मंडरा रहे संकट के बादल, बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 06 May 2022 04:40 PM IST

सार

मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं से मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश की संभावना जताई है। यदि मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी सच होती है और पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश होती है, तो इसका सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ेगा।
चारधाम यात्रा, file pic
चारधाम यात्रा, file pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

दो साल बाद पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ आज से चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट आज सुबह मंगलवार को विधिवत रूप से पूजा-अर्चना के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ के साथ ही यमुनोत्री भी चारधाम का हिस्सा है। यहीं से चारधाम यात्रा की शुरुआत मानी जाती है।

विज्ञापन


लेकिन पहले ही दिन इस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पहले ही दिन मौसम तीर्थयात्रियों के साथ ही सरकार समेत जिला प्रशासन का कड़ा इम्तिहान लेगा। मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं से मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश की संभावना जताई है। 




यदि मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी सच होती है और पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश होती है, तो इसका सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ेगा। बारिश के चलते जहां चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं, वहीं चारधाम यात्रा को लेकर सरकार, शासन, जिला प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों की भी कलई खुल सकती है।

मौसम विभाग की ओर से जारी की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा के पहले दिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश की पूरी संभावना है। यदि मैदान से लेकर पहाड़ों तक तक बारिश होती है, तो चारधाम यात्रा मार्गों में भी बारिश से भूस्खलन का पूरा खतरा रहेगा।

भूस्खलन हुआ तो यात्रा के भी प्रभावित होने का खतरा

यात्रा मार्ग पर बारिश से भूस्खलन होता है तो यात्रा के भी प्रभावित होने का खतरा है। वैसे तो सरकार, शासन और चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिला प्रशासन की ओर से यात्रा को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े सभी अफसरों, कर्मियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, लेकिन मौसम विज्ञानियों ने जिस तरह से बारिश की संभावना जताई है, उसे देखते हुए सरकार के साथ शासन-प्रशासन के अफसरों को और अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है।


आज तेज हवाओं के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट

पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं की सक्रियता से मंगलवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश के आसार है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों ने बिजली गिरने व 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के चलने की भी संभावना जताई है। बारिश के चलते मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक, आज पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। चार व पांच मई को पर्वतीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होगी, जबकि मैदान में आसमान में बादल छाए रहेंगे।

छह व सात मई को फिर मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश की संभावना है। पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। कुछ इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के चलने की भी संभावना है। राजधानी दून और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहेंगे, साथ ही बारिश होने की पूरी संभावना है। 


रात आठ बजे के बाद चारधाम नहीं जा सकेंगे वाहन 

चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। परिवहन मुख्यालय के निर्देश पर यात्रा मार्गों पर डामटा, तपोवन, कुठालगेट, ब्रह्मपुरी में स्थापित चेक पोस्टों पर कर्मचारियों की तैनाती के साथ वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी गई है। 

आरटीओ (प्रवर्तन) सुनील शर्मा ने बताया कि तीर्थयात्रियों के वाहनों को सुबह पांच से रात आठ बजे तक ही आने-जाने दिया जाएगा। सुबह पांच बजे से पहले वाहनों को चारधाम पर जाने की इजाजत नहीं होगी। इसी प्रकार रात आठ बजे के बाद भी यात्री वाहन चारधाम नहीं जा सकेंगे। परिवहन विभाग की ओर से स्थापित चेक पोस्टों पर वाहनों का पंजीकरण करने और कागज की जांच के बाद ही यात्रा की अनुमति दी जा रही है।  चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों के ग्रीन कार्ड भी चेक किए जा रहे हैं। 

रफ्तार पर नजर रखेगा इंटरसेप्टर 

वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए ऋषिकेश से बदरीनाथ के बीच तीन स्थानों पर हाईवे पर इंटरसेप्टर तैनात किए गए हैं। आरटीओ (प्रवर्तन) सुनील शर्मा ने बताया कि पहला इंटरसेप्टर रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग के बीच, दूसरा रुद्रप्रयाग से बदरीनाथ धाम के बीच और तीसरा डामटा-यमुनोत्री हाईवे पर तैनात किया गया है। वाहनों की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक मिली तो चालान किया जाएगा। 

अभी काम नहीं कर रहे चेक पोस्ट पर लगे कैमरे 

वाहनों और तीर्थयात्रियों की निगरानी के लिए पर्यटन विभाग की ओर से चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हालांकि, लिंक की व्यवस्था नहीं होने से फिलहाल इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। आरटीओ सुनील शर्मा ने बताया कि जैसे ही लिंक मिलते ही सीसीटीवी कैमरे चालू होंगे।

उत्तराखंड: आज खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

उत्तराखंड स्थित यमुनोत्री धाम के कपाट तीन मई को खुलेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि देवी यमुना को समर्पित यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खुलेंगे। सभी श्रद्धालुओं को सुखद, समर्पित चारधाम यात्रा की शुभकामनाएं। हिमालय में गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ के साथ ही यमुनोत्री भी चारधाम का हिस्सा है। यमुनोत्री धाम में हर वर्ष हजारों यात्री दर्शन करने पहुंचते हैं। यहीं से चारधाम यात्रा की शुरुआत मानी जाती है। यमुनोत्री के बाद गंगोत्री धाम होते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन के बाद चार धाम यात्रा संपन्न होती है।

केदारनाथ दर्शन को आ सकते हैं प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ दर्शन के लिए उत्तराखंड आ सकते हैं। हालांकि अभी उनका कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ है। लेकिन प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में उनके केदारनाथ आने की चर्चाएं हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री को पहले ही चारधाम यात्रा पर आने का निमंत्रण दे चुके हैं। पर्यटन व धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज एलान कर चुके हैं कि चारों धामों में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर होगी।

अब प्रधानमंत्री के केदारनाथ दर्शन पर आने की चर्चा है। आगामी छह मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। प्रधानमंत्री के उसी दिन केदारनाथ आने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के बाबा केदार में अगाध आस्था है। वह स्वयं कई बार कह चुके हैं कि उन्हें यहां आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। इधर, प्रशासनिक स्तर पर भी गुपचुप तैयारियां चल रही हैं। प्रशासन प्रधानमंत्री के आने की संभावना के हिसाब से केदारधाम में यात्रा की तैयारी और व्यवस्था कर रहा है। मंगलवार तक स्थिति साफ होने के आसार जताए जा रहे हैं।

 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00