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लोगों को मुफ्त मुहैया कराए एएचएफ के महंगे इंजेक्शन

Dehradun Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
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देहरादून। दीपक सिंघल को सात साल हो गए हैं हीमोफीलिया के मरीजों की मदद करते। उन्हाेंने न केवल मरीजों को एंटी हीमोफीलिक फैक्टर (8 और 9) के मुफ्त इंजेक्शन दिलाने में मदद की, बल्कि इलाज के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाले मरीजों का खर्च भी साझा किया, हीमोफीलिक सोसायटी के माध्यम से। राज्य में इस बीमारी के इलाज की सुविधा नहीं थी, तीन माह पहले ही दून अस्पताल, बेस अस्पताल हल्द्वानी और जिला अस्पताल पौड़ी में इसका इसके इलाज को हरी झंडी मिली है। दीपक बताते हैं कि अपने एक करीबी को इस बीमारी से पीड़ित देख मन द्रवित हो उठा। इस बीमारी के बारे में कम लोग जानते हैं। इसका इंजेक्शन बेहद महंगा होता है, कई बार धनी परिवार भी इसके लगातार प्रयोग का खर्च नहीं उठा पाते। उनके मुताबिक मूल रूप से आनुवंशिक बीमारी होती है, लेकिन 35 से 40 प्रतिशत केसों में बीमारी का कारण पता नहीं चलता। इसमें शरीर को अंदरूनी या बाहरी चोट लगने पर खून बहने का सिलसिला शुरू होता है, जो रुकता नहीं। पर्याप्त इलाज के अभाव में कई बार मरीज शारीरिक, मानसिक रूप से अक्षम हो जाता है, कई केसों में उसकी मृत्यु भी हो जाती है। दीपक हीमोफीलिया के मरीजों की इस मदद को आगे भी पुरजोर तरीके से जारी रखना चाहते हैं।
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दीपक की मदद चाहते हैं तो संपर्क करें इस मोबाइल नंबर पर--9412954711
आप उनसे उनकी सोसायटी के इस पते पर भी संपर्क कर सकते हैं-हीमोफीलिक सोसायटी (देहरादून चैप्टर), 45/1, खुड़बुड़ा, देहरादून।

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