उक्रांद पी ने किया विस के आगे प्रदर्शन

Dehradun Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
देहरादून। मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र की सीमा वर्ष 2000 से तय किए जाने के विरोध में उक्रांद पी ने विधानसभा के मुख्य गेट के आगे प्रदर्शन कर धरना दिया। वहीं कार्यकर्ताओं का उपवास शुक्रवार को भी जारी रहा।
केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि केंद्र ने मूल निवास की सीमा 1950 तय की है, जो देश के सभी राज्यों में समान रूप से लागू है। लेकिन, उत्तराखंड में मूल निवास की सीमा वर्ष 2000 से तय कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड के मूल निवासियों में भारी नाराजगी है। सरकार को मूल निवास के मामले में उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपना पक्ष रखना चाहिए। ताकि यहां के मूल निवासियों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो। केंद्रीय महामंत्री किशन मेहता ने कहा कि उत्तराखंड के मूल निवासियों के हितों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपवास रख धरना देने वालों में केंद्रपाल तोपवाल, लताफत हुसैन, आशा शर्मा, रेनू सेमवाल, पुष्पा, रेखा, आशा भंडारी, बेबी थापा, पूनम, प्रोमिला रावत, देवेश्वरी चौहान, ऋचा, सुलोचना, गीता बिष्ट आदि शामिल थे।

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