मानक पूरे किए बिना भट्ठे में की रोशनी

Dehradun Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
लंढौरा। सुप्रीम कोर्ट और प्रमुख सचिव के आदेशों को धता बताते हुए क्षेत्र के एक ईंट भट्ठा मालिक ने भट्ठे में रोशनी कर दी। वहीं, मामले को जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। प्रमुख सचिव के आदेश के बाद भी भट्ठों पर मिट्टी का खुदान और पथाई के काम पर रोक नहीं लगने से जिला प्रशासन की भूमिका सवालों उठने लगे हैं।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी 2012 को मिट्टी के खुदान पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं भट्ठों के संचालन को लेकर कई मानकों का पालन करने के लिए भी कहा था। इस आदेश के बाद हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के जिलाधिकारियों ने ईंट भट्ठा मालिकों को नोटिस जारी कर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी के बिना मिट्टी के खुदान पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इन प्रदेशों में ईंट भट्ठे नहीं चल पाए हैं। हरिद्वार जिले के ईंट भट्ठे भी बंद पड़े थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र के करीब 20 ईंट भट्ठा मालिकों ने बिना एनओसी के मिट्टी का खुदान करने के साथ पथाई का काम शुरू कर दिया था। इसके बाद कुछ ईंट भट्ठा मालिकों ने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव उद्योग राकेश शर्मा से कर दी थी। शिकायत के आधार पर प्रमुख सचिव ने डीएम को सात नवंबर को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए इसकी जांच और कार्रवाई के लिए लिखा था। लेकिन डीएम ने ऐसे किसी पत्र मिलने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि पत्र मिलेगा तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी एक ईंट भट्ठा मालिक ने भट्ठा चलाना शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के करीब 20 ईंट भट्ठा मालिक भी भट्ठे चलाने की तैयारी में हैं। डीएम सचिन कुर्वे का कहना है कि प्रमुख सचिव का पत्र अभी उन्हें नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

चार दिन में भी नहीं पहुंचा पत्र
शासन की तरफ से जिला और तहसील प्रशासनों को जारी होने वाले आदेशों की प्रतियां डाक से भेजने के साथ उसी दिन फैक्स की जाती हैं। लेकिन जिला प्रशासन को चार दिन बाद भी न तो फैक्स मिला और पत्र। अब सवाल उठता है कि यह पत्र कहां गुम हो गया।

बोर्ड से भी नहीं ली एनओसी
क्षेत्र के जिस भट्ठे में भट्ठी चलाई गई है उसने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी एनओसी नहीं ली है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर कंसल का कहना है कि 138 भट्ठे पंजीकृत हैं, लेकिन इस बार अभी तक किसी ने एनओसी नहीं ली है। यदि कोई भट्ठा चल रहा तो उसे सोमवार को ही नोटिस जारी किया जाएगा।

कोट...
यदि खनन और पथाई पहले हुई तो भट्ठा चल सकता है लेकिन नया काम नहीं होगा, 15 नवंबर तक डीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि समय पर रिपोर्ट नहीं आती है तो डीएम से जवाब तलब होगा।
- राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव उद्योग

कुछ ईंट भट्ठा मालिकों ने किया विरोध
ईंट भट्ठा निर्माण कल्याण समिति की बैठक में तय किया गया कि मानकों का पालन करने के बाद ही भट्ठे चलाए जाएंगे। भट्ठा मालिकों ने जिला प्रशासन और मानकों का पालन किए बिना भट्ठा चलाने वालों की मिलीभगत की जांच की मांग की है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार के खिलाफ रिट दायर की गई है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रमेश बत्ता, प्रदीप रोशियान, चौधरी सुरेंद्र सिंह, राव गुलफाम, अशोक सिंघल, नीरज पांधी, प्रदीप, विपिन गोयल आदि उपस्थित थे।

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