32 साल पुरानी बस्ती की जमीन पर सेना ने लगाए लाल निशान

Dehradun Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
देहरादून। 32 साल पहले बसी इंद्रा कालोनी मलिन बस्ती (चुक्खू मोहल्ला) की जमीन को सेना की ओर से अपना बताने पर यहां रहने वाले 5 हजार से अधिक लोगों में खलबली मच गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले सेना के कुछ वर्दीधारी अधिकारी बस्ती में आए और लाल निशाल लगाकर चले गए। जितने क्षेत्र में यह निशान लगा है उससे 1500 मकान और लोग प्रभावित होंगे। शुक्रवार को इस मामले की जानकारी लेने राजपुर क्षेत्र के विधायक राजकुमार वहां पहुंचे तो लोगों का गुस्सा फूटा पड़ा। बस्ती के लोगों ने विधायक से इसकी शिकायत की तो मामला जिलाधिकारी तक जा पहुंचा। देर शाम मुख्य नगर अधिकारी अशोक कुमार के निर्देश पर मौके पर पटवारी भी पहुंचे। जिलाधिकारी इस मामले में शनिवार को पड़ताल करेंगे। इस मामले में सेना के प्रवक्ता का कहना विवादित भूमि से उनका कोई लेना देना नहीं है।
1977 से 1980 के बीच इंद्रा बस्ती कालोनी बसाई गई। इस समय जितने भी घर हैं वे सभी हाउस टैक्स दे रहे हैं, बिजली का बिल भी भर रहे हैं। नगर निगम की ओर से वहां नालियां और सड़कें भी बनाई गई हैं। ऐसे में अब सवाल उठता है कि यदि यह जमीन सेना की है तो, इतने दिनों से यह अधिकार क्यों नहीं जताया गय्रा।

कोट--
इस मामले की जानकारी मिली है। शनिवार को एसडीएम और संबंधित अधिकारी को भेजकर यह पता लगाया जाएगा कि, जमीन सेना की है या राजस्व विभाग की। उसके बाद ही कुछ फैसला लिया जा सकता है।-रविनाथ रमन

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