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‘क्राइम पैट्रोल’ में दिखेगा वैभव सैनी हत्याकांड

Dehradun Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। राजधानी का चर्चित वैभव सैनी हत्याकांड जल्द ही सोनी चैनल पर आने वाले लोकप्रिय शो ‘क्राइम पैट्रोल’ में दिखेगा। शुक्रवार को क्राइम पैट्रोल की टीम शूटिंग के लिए दून पहुंची। उन्होंने घटनास्थल और वैभव के घर सहित कई अन्य जगहों के फुटेज लिए। टीम शनिवार को भी यहां कुछ अन्य जगहों के फुटेज लेगी।
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सुबह टीम ने सहस्रधारा रोड, घटनास्थल और वैभव के घर सहित कई अन्य जगहों के फुटेज लिए। टीम शनिवार को वैभव के घर, थाना रायपुर, डॉक्टर के क्लीनिक सहित उन सभी जगहों के स्टॉक फुटेज लेगी जो इस पूरी घटना से जुड़े थे। इन सभी जगहों के फुटेज का इस्तेमाल घटना के नाट्य रूपांतरण में किया जाएगा। इसकी शूटिंग मुंबई में होगी।

क्या होता है स्टॉक फुटेज
स्टॉक फुटेज का इस्तेमाल कहानी के नाट्य रूपांतरण के दौरान असल जगहों को दिखाने के लिए किया जाता है। जैसे सहस्रधारा रोड पर हत्यारोपी डॉक्टर अविनाश गहलोत वैभव को ले गया था। अब नाट्य रूपांतरण के दौरान इस सीन में दोनों के पात्र तो अभिनेता निभाएंगे लेकिन इसमें सहस्रधारा रोड के असल फुटेज का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसी तरह वैभव का घर और थाने के स्टॉक फुटेज का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

18 अगस्त को हुआ था खुलासा
रक्षा विहार निवासी वैभव सैनी का शव 06 जुलाई को ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय के पास सड़क किनारे पड़ा मिला था। 18 अगस्त को पुलिस ने उसकी हत्या का खुलासा कर दिया था। उसे सहस्रधारा रोड निवासी डॉक्टर अविनाश गहलोत ने नुआन का इंजेक्शन देकर मार दिया था। डॉक्टर ने उस पर अपनी पत्नी से अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था।

कैसे सजा दिलवाएंगे डॉक्टर को
इस मामले में भले ही पुलिस ने डॉक्टर अविनाश गहलोत को आरोपी बना दिया हो मगर उसके खिलाफ अब तक पुलिस एक भी सबूत नहीं तलाश पाई है। यही कारण है कि कुछ ही दिनों में डॉक्टर को हत्या जैसे मामले में आसानी से हाईकोर्ट ने बेल दे दी। इसके पीछे भी पुलिस की कमजोर कहानी थी। हत्या के पीछे अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग का भी कोई सबूत पुलिस के पास नहीं है। डॉक्टर के बाल और वैभव के बिसरा की रिपोर्ट भी नहीं आई है। वैभव को स्पर्म डोनेशन और ब्लैकमेलिंंग के पैसे देने के आरोप का भी पुलिस कोई सुबूत नहीं जुटा पाई। जानकार मान रहे हैं कि ऐसे में अदालत में पुलिस का पक्ष बेहद कमजोर होगा। इससे डॉक्टर को सजा दिलाना बहुत आसान नहीं होगा।

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