कोठी पर कोहराम

Dehradun Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
देहरादून। बुधवार को हुए मतदान के बाद भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को भी आमने-सामने आ गए। इस बार मामला पाश इलाके रेसकोर्स में एक कोठी पर कब्जे को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यकर्ताओं और सीबीआई के पूर्व उपनिदेशक सुभाष चंद्र मित्तल के बीच विवाद का था। विहिप के समर्थन में भाजपा विधायक गणेश जोशी और सहदेव पुंडीर पहुंचे तो मित्तल के समर्थन में कांग्रेस विधायक राजकुमार और उमेश शर्मा काऊ कूद पड़े। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान विधायकों की पुलिसकर्मियों से हाथापाई की नौबत बन गई। दोनों ओर से दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। मामले में मित्तल की ओर से विधायक जोशी और सहदेव पुंडीर समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि विहिप ने भी मित्तल और उनके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट कराई है। उधर, विवाद बढ़ता देख देर रात प्रशासन ने संपत्ति कुर्क कर कोठी पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी है।
रेसकोर्स स्थित कोठी संख्या जी-11 पर कुछ समय से विहिप का प्रदेश कार्यालय चल रहा था। बृहस्पतिवार को दिल्ली निवासी सीबीआई के पूर्व उपनिदेशक सुभाष चंद्र मित्तल परिजनों संग यहां पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि यह घर उनकी पैतृक संपत्ति है। मकान में उनके अविवाहित भाई रवि मित्तल रह रहे थे। उनके साथ केयरटेकर के तौर पर महेंद्र देवी रहती थीं। मित्तल के मुताबिक पिछले वर्ष रवि की मृत्यु हो गई। इसके बाद महेंद्र यहां रह रही थीं। पिछले माह उनकी भी मृत्यु हो गई। इसके बाद वह मकान पर कब्जा लेने पहुंचे तो यहां विहिप का बोर्ड लगा देखा। आरोप है कि आपत्ति जताने पर विहिप कार्यकर्ताओं ने उनसे और परिजनों से जमकर मारपीट की और वाहन तोड़ डाले। वहीं, विहिप का दावा है कि उन्हें यह मकान रवि मित्तल ने बतौर उपहार दिया था और इसकी रजिस्ट्री कराई गई है। विहिप पदाधिकारियों ने यह भी दावा किया कि महेंद्र देवी रवि की पत्नी थीं, केयरटेकर नहीं।
सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट हरक सिंह रावत, एसपी ट्रैफिक अजय जोशी, एसपी सिटी दलीप सिंह कुंवर आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे। उधर, विहिप के समर्थन में भाजपा विधायक गणेश जोशी और सहदेव पुंडीर समेत बड़ी संख्या में भाजपा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता भी पहुंच गए। उनके आते ही कांग्रेस विधायक राजकुमार और उमेश शर्मा काऊ भी मौके पर पहुंच गए और विहिप का बोर्ड हटाने की मांग करने लगे। रेसकोर्स वेलफेयर सोसाइटी भी कांग्रेस और मित्तल के पक्ष में उतर आई। इसे लेकर भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हो गई। यह देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ दिया। इस दौरान भाजपा-कांग्रेस विधायकों से भी सिटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों की नोकझोंक हुई।
बाद में प्रशासन ने विहिप के बोर्ड को ढककर मकान सील कर दिया। यहां विवादित संपत्ति का नोटिस भी चस्पा कर दिया। देर रात संपत्ति कुर्क कर ली गई।

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