मोबाइल टावर : सर्टिफिकेट के आधार पर जांच शुरू

Dehradun Updated Thu, 06 Sep 2012 12:00 PM IST
देहरादून। शहर भर में लगे मोबाइल टावरों की जांच शुरू हो गई है। कंपनियों की तरफ से पहले जमा कराए गए प्रमाणपत्रों के आधार पर यह देखा जा रहा है कि शहर में कहां-कहां ऐसे बेस ट्रांस स्टेशन (बीटीएस) लगे हैं, जो ज्यादा रेडिएशन उगल सकते हैं। क्षेत्र विशेष में जनसंख्या का घनत्व क्या है, यहां कितने टावर लगे हैं और किस टावर में कितने बीटीएस लगे हैं। एंटीना का मेक क्या है। इसके अलावा बीटीएस के साथ लगे अन्य इक्विपमेंट्स की स्थिति क्या है। अगर किसी टावर से अधिक रेडिएशन पाया जाता है तो उसके खिलाफ 15 सितंबर के बाद कार्रवाई की जाएगी।

लगातार चलेगी प्रक्रिया
जांच की यह प्रक्रिया लगातार चलेगी। रेडिएशन को लेकर शिकायत पूर्व में आई हैं। अभी भी कहीं से कोई शिकायत करेगा तो मौके पर जाकर रेडिएशन के स्तर की जांच की जाएगी।
मुदित मिश्र, एडीई, टेलीकॉम इंफोर्समेंट, रिसोर्स एंड मानिटरिंग (डीओटी-देहरादून)

ऐसे करें मोबाइल का इस्तेमाल
डीओटी के अधिकारी सेहत को बचाए रखने के लिए मोबाइल के सही प्रयोग का तरीका भी बता रहे हैं। उनके मुताबिक लोगों को सही तरीके से मोबाइल प्रयोग करना होगा। जरूरी है कि काल करते समय तब तक फोन को कान से दूर रखें जब तक काल कनेक्ट न हो जाए। क्योंकि काल कनेक्ट होते समय ही सबसे ज्यादा रेडिएशन होता है।मोबाइल टावर : सर्टिफिकेट के आधार पर जांच शुरू
-देखेंगे कहां-कहां हैं ऐसे बीटीएस, जो करते हैं अधिक रेडिएशन
-अधिक रेडिएशन मिलने पर15 सितंबर के बाद होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। शहर भर में लगे मोबाइल टावरों की जांच शुरू हो गई है। कंपनियों की तरफ से पहले जमा कराए गए प्रमाणपत्रों के आधार पर यह देखा जा रहा है कि शहर में कहां-कहां ऐसे बेस ट्रांस स्टेशन (बीटीएस) लगे हैं, जो ज्यादा रेडिएशन उगल सकते हैं। क्षेत्र विशेष में जनसंख्या का घनत्व क्या है, यहां कितने टावर लगे हैं और किस टावर में कितने बीटीएस लगे हैं। एंटीना का मेक क्या है। इसके अलावा बीटीएस के साथ लगे अन्य इक्विपमेंट्स की स्थिति क्या है। अगर किसी टावर से अधिक रेडिएशन पाया जाता है तो उसके खिलाफ 15 सितंबर के बाद कार्रवाई की जाएगी।

लगातार चलेगी प्रक्रिया
जांच की यह प्रक्रिया लगातार चलेगी। रेडिएशन को लेकर शिकायत पूर्व में आई हैं। अभी भी कहीं से कोई शिकायत करेगा तो मौके पर जाकर रेडिएशन के स्तर की जांच की जाएगी।
मुदित मिश्र, एडीई, टेलीकॉम इंफोर्समेंट, रिसोर्स एंड मानिटरिंग (डीओटी-देहरादून)

ऐसे करें मोबाइल का इस्तेमाल
डीओटी के अधिकारी सेहत को बचाए रखने के लिए मोबाइल के सही प्रयोग का तरीका भी बता रहे हैं। उनके मुताबिक लोगों को सही तरीके से मोबाइल प्रयोग करना होगा। जरूरी है कि काल करते समय तब तक फोन को कान से दूर रखें जब तक काल कनेक्ट न हो जाए। क्योंकि काल कनेक्ट होते समय ही सबसे ज्यादा रेडिएशन होता है।

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