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पहले बसने दिया, अब उजाड़ देंगे आशियाने

Dehradun Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी के साथ गांव न्यू मिट्ठी बेहड़ी पर बसे लगभग 70 परिवारों में से कुछ के मकान उजड़ सकते हैं। सेना ने भूमि के टुकड़े को अपना करार दिया है और उसका दावा सही भी है। बसे परिवारों के पास जमीन के जो दस्तावेज हैं उसमें दो बिसवा बतौर नसबंदी अभियान के एवज में सरकार के पट्टा अलाट करने का उल्लेख है। हालांकि इन दस्तावेजों की सच्चाई अभी सामने आना बाकी है। पांच सितंबर से पहले उत्तराखंड सब एरिया मुख्यालय में दस्तावेजों के निरीक्षण के बाद स्थिति साफ हो जाएगी लेकिन सेना के नोटिस कुछ सवाल जरूर खड़े करते हैं। अहम बात यह है कि पिछले दो दशकों के बीच जब आबादी बसी तो आईएमए प्रशासन क्या करता रहा? अगर भूमि सेना की है तो नसबंदी अभियान के दौरान पट्टे कैसे आवंटित हुए ?
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क्या कसूर है इनका ?
1992 से बसे धर्मपाल सिंह ने बताया कि पत्नी की नसबंदी के बाद सरकार ने पट्टा अलाट किया है अब सेना कैसे अपना हक जता रही है। सेना से रिटायर सूबेदार मालचंद शर्मा ने बताया कि हम लोगों ने रातों रात मकान नहीं बनाए हैं। बस्ती धीरे-धीरे बसी है। अगर सेना को एतराज था तो उस समय से रोकना चाहिए था। नोटिस मिलने के बाद से ग्राम प्रधान राधा देवी और उपप्रधान सीमा की चिंताए बढ़ा दी है। प्रधान राधा देवी ने बताया कि जब यहां मकान बन रहे थे तो आईएमए ने निर्माण नहीं रोका। कई बरसों से लोग बसे हैं और अब उन्हें सेना कैसे हटा सकती है। हम सब एरिया कमांडर के समक्ष पूरे मामले को रखने जा रहे हैं। वकीलों से भी कानूनी सलाह ली जा रही है।

29 परिवारों को दी थी दो बिसवा भूमि
नसबंदी अभियान के तहत 1997 में नसबंदी करवाने वाले परिवारों को दो बिसवा भूमि दी गई थी, लेकिन कई मकान दो बिसवा से अधिक पर बन गए हैं। राजस्व विभाग के रिकार्ड में दो बिसवा भूमि वाले 29 परिवार तो हैं, लेकिन शेष का रिकार्ड तक नहीं मिले हैं। कई पट्टों तो प्रधान की मुहर भर से जारी किए गए हैं।

सितंबर 2009 में हुई सेना-सिविल जांच
सब एरिया मुख्यालय ने भूमि के विवाद को देखते हुए सितंबर 2009 में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राजस्व रिकार्ड की जांच करवाई थी। इस जांच में न्यू मिट्ठी बेहड़ी का अधिकांश रकबा आईएमए का निकल कर आया है। जांच रिपोर्ट की कापी सेना ने शासन को भी सौंपी है।

63 परिवार बसे हैं अवैध : सेना
सब एरिया ने अपनी भूमि पर अवैध रूप से बसे 63 परिवार चिन्हित किए हैं। मुख्यालय अभी तक दो परिवारों को नोटिस भेजा गया है। सब एरिया के प्रवक्ता कर्नल मनजीत सिंह ने बताया कि हमने आईएमए की भूमि पर अतिक्रमण को पुष्ट करने के बाद नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। 5 सितंबर तक अपने भूमि संबंधित दस्तावेज का सब एरिया मुख्यालय गढ़ी कैंट में निरीक्षण करवाना है, जिसके बाद अगली कार्यवाही की जाएगी।

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