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तबादले रुके, अटैचमेंट का खेल शुरू

Dehradun Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। सुगम-दुर्गम के उचित निर्धारण के नाम पर तबादलों पर लगी रोक के बाद अनिवार्य स्थानांतरण के लिए पात्र शिक्षकों की उम्मीदों पर भले ही एक साल के लिए पानी फिर गया हो। लेकिन, पहुंच वालों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। तबादले रुकने से बेफिक्र इन शिक्षकों ने विभाग में अटैचमेंट का खेल शुरू कर दिया है। पर्वतीय जिलों के स्कूलों में तैनात कई शिक्षकों को नियमों को ताक पर रखकर शिक्षा निदेशालय देहरादून एवं डायट देहरादून में संबद्ध कर दिया गया है। एक शिक्षक को तो खुद शिक्षा मंत्री के स्टाफ से जोड़ा गया है। खास बात यह है कि अटैचमेंट के इन सभी आदेशों पर शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल के हस्ताक्षर हैं। विभाग में शुरू हुए इस खेल के चलते अब 20-25 वर्षों से दुर्गम स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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रोक के बावजूद चल रहा खेल
हैरत की बात यह है कि शासन स्तर पर अटैचमेंट प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है। पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार मूल तैनाती स्थलों पर न जाने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश दिए गए थे। इससे कुछ समय के लिए अटैचमैंट रुक गए थे, लेकिन अब विभाग में धड़ल्ले से शिक्षकों को अटैच किया जा रहा है।

नाम-तैनाती स्थल-अटैचमेंट
विनोद भट्ट-राइंका चाका टिहरी-शिक्षा निदेशालय
गुरु प्रसाद अवस्थी-अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय पौड़ी-शिक्षा निदेशालय
कैलाश चंद्र बहुगुणा-राइंका अगस्त्यमुनि-डायट देहरादून
प्रकाश चंद्र कुमाईं-राउमावि खनौलिया अल्मोड़ा-शिक्षा मंत्री स्टाफ
(सूत्रों के अनुसार दो शिक्षिकाओं को भी निदेशालय में संबद्ध किया गया है, सभी अटैचमेंट, जून, जुलाई और अगस्त में हुए हैं। इनके अलावा कई अन्य शिक्षकों को भी अलग-अलग जिलों में सुगम स्थानों पर संबद्ध किया गया है)

मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरे स्तर पर किसी शिक्षक का अटैचमेंट नहीं किया गया है। यदि ऐसा हो रहा है तो यह गलत और शासन के निर्देशों के विपरीत है। इसे दिखाया जाएगा।
-आरके सुधांशु, महानिदेशक शिक्षा

अटैचमेंट से व्यवस्था चरमरा जाती है। बीमार शिक्षकों के एक-दो मामले छोड़ दें तों मेरी जानकारी में कोई अटैचमेंट नहीं हुआ है। विभाग में पहले व्यवस्था लड़खड़ाई हुई थी। इसे पटरी पर लाना है।
-मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री
सिफारिशी पत्रों का लगा ढेर
शिक्षा विभाग में तबादलों पर रोक लगी हुई है। इसके बावजूद शिक्षकों के तबादलों के लिए मंत्रियों, विधायकों, सांसदों आदि तमाम जनप्रतिनिधियों के सिफारिशी पत्रों का निदेशालय में ढेर लगा है।

2005 से हैं अटैच
राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रुपउ में वर्ष 2005 में शिक्षिका प्रवेश सैनी को प्रमोशन के बाद भेजा गया वह स्कूल में ज्वाइनिंग के बाद से ही मूल तैनाती की बजाय अलग-अलग जगह अटैच चल रही हैं। कोटी क्षेत्र कालसी के ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री से इसकी शिकायत की है। ग्रामीणों ने बताया कि साक्षरता कार्यक्रम कालसी एवं इसके बाद ब्लॉक संसाधन केंद्र कालसी में संबद्ध चल रही हैं। मंत्री ने मामले में शिक्षा महानिदेशक को जांच के आदेश दिए हैं।

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