गैस एजेंसियों पर छापे, कैश एंड कैरी के मामले पकड़े

Dehradun Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
देहरादून। गैस एजेंसियों के शत-प्रतिशत होम डिलीवरी के दावे एक बार फिर हवा हो गए। जिला आपूर्ति विभाग (डीएसओ) ने बुधवार को गैस एजेंसियों पर छापेमारी कर कैश एंड कैरी के कई मामले पकड़े। एजेंसी मालिकों और डिलीवरी मैन की मिलीभगत यह खेल चल रहा था। कामर्शियल केनाम पर घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति का यह क्रम लगातार जारी है। विभाग की ओर से छापेमारी के लिए पांच टीमें गठित की गई थीं। जिन गैस एजेंसियों पर यह मामले पकड़े गए, उनमें उत्तरांचल गैस एजेंसी के साथ ही जाखन स्थित इंडेन गैस एजेंसी शामिल है। उधर, गैस एजेंसी वाले इस मामले पर मुंह खोलने को तैयार नहीं।

राशन में भी गोल-माल
राशन की दुकानों पर भी छापेमारी की गई। चावल की कालाबाजारी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया था। देर शाम तक कार्रवाई चलती रही। कई जगह गोल-माल मिला। किसी जगह चावल के कंटेनर नदारद मिले तो कहीं निर्धारित से कम पाया गया। बीते दिन राशन विक्रेताओं ने चावल उठाया था। कुछ ओवर लोडेड गाड़ियों के चालान किए गए थे। कुछ को सीज किया गया था। लेकिन बुधवार को कोर्ट बंद रहने के चलते उन्हें रिलीज नहीं किया जा सका।
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17 एजेंसियों के 68 हजार कनेक्शन बंद हुए
-केवाईसी वेरिफिकेशन में सामने आया गैस कनेक्शन बांटने में फर्जीवाड़ा
-एक-एक आईडी पर बांट दिए गए हैं कई-कई गैस कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। गैस कनेक्शन बांटने में फर्जीवाड़े का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दून में राशन कार्ड धारकों की संख्या तकरीबन चार लाख है, जबकि गैस कनेक्शन पांच लाख से ज्यादा के हैं। नो योर कस्टमर (केवाईसी) फार्म के वेरिफिकेशन के बाद एक और फर्जीवाड़ा सामने आया। पता चला कि एक-एक आईडी पर कई-कई गैस कनेक्शनों की बंदरबांट कर दी गई। इसके चलते 17 एजेंसियों के 68 हजार कनेक्शन बंद कर दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि जांच चल रही है।

तीन माह में होगा वेरिफकेशन पूरा
केवाईसी के तमाम एजेंसियों से ढाई-ढाई हजार फार्म भरवाए जा चुके हैं। तीन माह में यह कार्य पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद फर्जीवाड़े पर लगाम लगने की संभावना है। अभी तक हो यह रहा है कि घरेलू केनाम पर ले जाए जा रहे सिलेंडर कामर्शियल यूज में लाए जा रहे हैं, लेकिन इन्हें पकड़ा नहीं जा सक रहा।

अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं
बीते एक माह में जिला आपूर्ति विभाग, प्रशासन, बाट-माप की ओर से कई जगह से कामर्शिलय में प्रयोग घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। कहीं अंडर वेट गैस सिलेंडर पकड़े गए, लेकिन कार्रवाई अब तक किसी एजेंसी के खिलाफ नहीं हुई।

निरीक्षक नहीं, जांच कौन करे
बाट-माप विभाग के पास पूरे जिले में महज एक ही निरीक्षक है। ऐसे में बड़ा अभियान चला कार्रवाई करना संभव ही नहीं। इसके लिए रुड़की या टिहरी से निरीक्षकों को बुलावा भेजना पड़ता है। आठ निरीक्षकों केलिए लिखा गया है, लेकिन मिले नहीं।

रिपोर्ट हो रही तैयार
‘रिपोर्ट तैयार की जा रही है इस के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी’।
--डा. एमएस विसेन, जिला आपूर्ति अधिकारी

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