विज्ञापन

‘हंसा’ को मिले अवार्ड से दून के सुदर्शन उत्साहित

Dehradun Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
देहरादून। फिल्मी दुनिया का जाना-माना नाम शेखर कपूर को असिस्ट करने के बाद दून के सुदर्शन जुयाल ने अपनी ‘हंसा’ फिल्म बनाई है। यह फिल्म रिलीज होने से पहले ही दो अवार्ड अपने नाम कर चुकी है। हाल ही में दिल्ली में हुए ओशियांस फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म को बेस्ट पॉपुलेरिटी और फ्रेप्सकी अवार्ड मिला है। इससे सुदर्शन की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं, हालांकि फिल्म 28 दिसंबर को रिलीज होनी है।
विज्ञापन
मोथरोवाला क्षेत्र की बैंक कॉलोनी में रहने वाले सुदर्शन ने वर्ष 1992 से मुंबई में करियर की शुुरुआत की। बैंडिट क्वीन सहित अन्य फिल्मों में बतौर कास्टिंग डाइरेक्टर काम किया। रिपोर्टर सीरियल लिखा जो दूरदर्शन और स्टार प्लस पर दिखाया गया। इस सीरियल में लीड रोल शेखर सुमन ने निभाया था। 18 साल तक मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के नाम करने के बाद अब सुदर्शन दून में रम गए हैं। यहां उन्होंने अपनी फि ल्म ‘हंसा’ बनाई है। फिल्म का निर्देशन मानव कॉल ने किया है। सुदर्शन जुयाल ने इसमें बतौर क्रिएटिव डाइरेक्टर काम किया है। अगस्त माह में दिल्ली में हुए ओशियांस फिल्म फेस्टिवल में पूरे एशिया के देशों ने भागीदारी निभाई, जिसमें ‘हंसा’ फिल्म को दो अवार्ड मिलने से वह खासा उत्साहित हैं।
--
‘हंसा’ की खूबी
फिल्म ‘हंसा’ की शूटिंग कु माऊं के सोना-पानी जगह पर की गई है। फिल्म में राखू और हंसा दो बच्चे हैं। इन्हीं के इर्द-गिर्द कहानी घूमती है। फिल्म में कुमुद मिश्रा और त्रिमाला अधिकारी ने भूमिका निभाई है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस प्रकार से गांवों की जमीनों पर माफियाओं के कब्जे हो रहे हैं। गांव वासी परेशान हैं।
--
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बाबा-बेबी
सुदर्शन जुयाल एक शॉर्ट स्टोरी ‘बाबा-बेबी’ के नाम से बना चुके हैं, जो वर्ष 1993 में दिल्ली में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई थी। इसमें मुख्य भूमिका अमोल गुप्ते ने निभाई है। फिल्म कुछ चोरों के इर्द-गिर्द घूमती है।
--कोट
मुंबई में शेखर कपूर, विनोद पांडे, अमोल गुप्ते जैसी कई हस्तियों के साथ काम करने का मौका मिला। कई अनुभव लिए। अब उत्तराखंड में काम करके बहुत अच्छा लग रहा है। फिल्म ‘हंसा’ की खासियत है कि इसमें पूरी टीम ने मेहनत की है। अपना रोल खत्म होने के बाद कोई चाय बनाता था तो कोई लाइट लाता था। वहां सब एक समान थे। सुदर्शन जुयाल, क्रिएटिव डाइरेक्टर

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: योगीराज में किसान कपड़े उतारने को मजबूर, जानिए वजह

एक तरफ जहां केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार खुद को किसान हितैषी बता रही हैं। वहीं योगी राज में किसान कपड़े उतारने के लिए मजबूर है। देखिए आखिर क्यों झांसी जिला के किसानों ने कपड़े उतारा।

23 अक्टूबर 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree