एलआईसी बिल्डिंग का छज्जा गिरा

Dehradun Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
देहरादून। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के चकराता रोड, कनाट प्लेस स्थित पुराने भवन में स्थित एक कमरे का छज्जा ढह गया। गनीमत रही कि उस वक्त सड़क पर कोई नहीं गुजर रहा था। इससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, छज्जे का बड़ा हिस्सा अब भी हवा में लटका हुआ है।
शुक्रवार दोपहर साढ़े बारह बजे एलआईसी के आवासीय भवनों के पिछले हिस्से में एक मकान का छज्जा अचानक टूटकर सड़क पर गिरने लगा। इससे आने-जाने वालों में अफरातफरी मच गई। छज्जे की बीस ईंटें टूटकर गिर गई थीं। हालांकि, कोई इनकी चपेट में नहीं आया। इस दौरान पास ही ट्यूबवेल का काम करा रहे स्थानीय पार्षद संतोख नागपाल मौके पर पहुंचे और दोनों ओर से ट्रैफिक रुकवा दिया। पार्षद के मुताबिक एलआईसी का यह भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। लेकिन, इसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। हैरत की बात यह रही कि नगर निगम और प्रशासनिक स्तर पर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जबकि छज्जे का लटका हुआ हिस्सा भी देर शाम तक नहीं हटाया जा सका था।

पहले भी हुआ हादसा
देहरादून। खास बात यह है कि एलआईसी की इस बिल्डिंग में यह पहला हादसा नहीं है। करीब दो साल पहले भी यहां दो कमरे भरभराकर गिर गए थे। दोनों कमरों का मलबा सड़क पर बिखर गया था। उस वक्त भी भवन को खाली कराने की मांग उठी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा सकी।



‘हवा’ में झूल रहे हादसे
राजधानी में 93 गिरासू भवन किए गए हैं चिह्नित
-बारिश, तूफान में ढह सकते हैं जर्जर भवन
-कई भवनों में अब भी रह रहे हजारों लोग
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजधानी में सिर्फ एलआईसी बिल्डिंग के ही धराशायी होने का खतरा नहीं है, बल्कि लगभग सभी प्रमुख मार्गों, मोहल्लों में कुल 93 गिरासू भवन हैं। हालांकि, अब तक जो भवन गिरे हैं वे पहले ही खाली करा लिए गए थे। लेकिन, अब भी कई बेहद जर्जर भवनों में हजारों लोग बतौर किरायेदार रह रहे हैं। नगर निगम ने 40 गिरासू भवनों को गत वर्ष तक ही चिह्नित कर लिया था। जबकि चकराता रोड के चौड़ीकरण के दौरान नींव दरकने, दीवारें ढहने के कारण 53 अन्य भवन इस वर्ष चिह्नित किए गए हैं। लेकिन, दिक्कत यह है कि अधिकांश भवन स्वामियों के कोर्ट में जाने के कारण नगर निगम भी इन्हें खाली कराने की कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। ऐसे में ‘हवा’ में झूलते ये भवन कभी भी बड़े हादसों का सबब बन सकते हैं।

इन क्षेत्रों में जर्जर भवन
बैंड बाजार, खदरी मोहल्ला, धामावाला, खुड़बुड़ा, लूनिया मोहल्ला, चकराता रोड, एलआईसी बिल्डिंग, तिलक रोड, मोती बाजार

एलआईसी बिल्ंिडग का मामला अदालत में चल रहा है। इसी तरह पहले चिह्नित किए गए कई भवनों के मामले भी अदालत में हैं। इसके चलते नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। जहां तक नियम की बात है तो गिरासू भवनों को खाली कराया ही जाना चाहिए।
-विनोद चमोली मेयर

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