पूर्व सैनिक करेंगे बाघों की सुरक्षा

Dehradun Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। राज्य के विभिन्न वन प्रभागों में बाघों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब पूर्व सैनिक उठाएंगे। वन विभाग के ‘तराई लैंडस्केप’ प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद पांच साल के लिए 9.49 करोड़ रुपये के बजट का रास्ता साफ हो गया है। एनटीसीए से 15 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। अब 65 पूर्व सैनिकों की भर्ती कर जल्द ही वन प्रभागों में सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी जाएगी।
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रविवार को आशारोड़ी स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसएस शर्मा ने बताया कि कार्बेट फाउंडेशन के जरिये यह रकम जारी की जाएगी। शर्मा ने बताया कि राजाजी पार्क में बाघों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि योजना में कार्बेट और राजाजी पार्क से इतर सात वन प्रभागों को शामिल किया गया है। इन प्रभागों में तैनात किए जाने वाले पूर्व सैनिकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद इन प्रभागों में नियमित पेट्रोलिंग कर शिकारियों पर नजर रखी जा सकेगी। शर्मा ने बताया कि एनटीसीए के सदस्य सचिव राजेश गोपाल और सदस्य बिजेंद्र सिंह की कोशिशों से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है, जिसे वन्यजीव सुरक्षा के लिए केंद्र से अतिरिक्त मदद मिल रही है।
इस मौके पर राजाजी पार्क के निदेशक एसपी सुबुद्धि, उप निदेशक श्रवण कुमार, वार्डन वीके सिंह मौजूद थे।
कहां कितने पूर्व सैनिकों की तैनाती
वन प्रभाग संख्या
तराई वेस्ट 12
तराई ईस्ट 08
हल्द्वानी 08
रामनगर 12
लैंसडोन 12
लैंसडोन भूमि संरक्षण 05
हरिद्वार 08
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