विज्ञापन
विज्ञापन

चांद से जुड़ी कहानियों का सफर : वहां रहने वाला नहीं मरेगा

विकी गोल्डबर्ग Updated Sun, 07 Jul 2019 02:06 AM IST
moon
moon
ख़बर सुनें
शताब्दियों से चांद अपने रहस्य के बारे में बताने से दृढ़ता से इनकार करता आया है। प्राचीन यूनानी और रोमन सभ्यता में चांद को सफेद और चिकना माना जाता था, लेकिन उसकी सतह पर व्याप्त गंदे धब्बों की, उनके पास कोई सुविचारित व्याख्या नहीं थी। 90 ईस्वी में प्लूटार्क ने लिखा कि वे धब्बे दरअसल पहाड़ों और घाटियों की छायाएं हैं और चांद अवश्य ही मनुष्य के बसने के अनुकूल होगा।
विज्ञापन
चांद के बारे में इन जानकारियों से सभी लोग सहमत नहीं थे, लेकिन कभी-कभी अज्ञानता भी वरदान बन जाती है। अपने सवालों के तसल्लीबख्श जवाब न पाकर मानव जाति चांद के बारे में कुछ सिद्धांत, अनुमान, मिथक और कपोल कल्पनाएं ले आईं। टेलीस्कोप के जरिये चांद को और स्पष्टता से देख पाना संभव हो गया, और भले ही किसी प्राणी के वहां होने के बारे में पता नहीं चला, लेकिन यह धारणा बन गई कि वहां रहने वाला नहीं मरेगा। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जो अफवाहें फैलीं, उनमें से एक यह भी थी कि जर्मनों ने चांद पर अपने हित में कुछ गोपनीय सुविधाएं शुरू की हैं, जबकि कुछ ने तो यहां तक अफवाह फैली दी कि हिटलर ने अपनी मृत्यु के बारे में झूठी खबर फैला दी है, जबकि वह चांद की सतह पर गोपनीय ढंग से रह रहे हैं।

न्यूयॉर्क स्थित मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में अपोलो'स म्यूज : द मुन इन द एज ऑफ फोटोग्राफी नाम से एक प्रदर्शनी शुरू हुई है, जो पिछली चार शताब्दियों के चांद के इतिहास के बारे में बताती है। इस प्रदर्शनी में चांद से जुड़ी उत्तरोत्तर खगोलविज्ञानीय खोजें, जो सामान्य आकार से काफी बड़े तीन सौ चित्रों, इससे संबंधित कुछ वस्तुएं (एक टेलीस्कोप, एक पुरानी तस्वीर, दो मून ग्लोब और खगोलवैज्ञानिकों द्वारा इस्तेमाल किए गए हासेलब्लैड कैमरे) और कुछ फिल्मों के चुनींदा अंश जैसे विज्ञान और कला के सम्मोहित करने वाले समागम जैसे मालूम होते हैं। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?
Junglee Rummy

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Opinion

बलूचिस्तान से उठती आवाजें, मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन पर उठती आजादी की मांग

भारत को बलूचियों, सिंधियों व पख्तूनों पर पाकिस्तानी सेना व आईएसआई द्वारा ढाये जा रहे अत्याचारों को एक गंभीर मानवीय समस्या समझते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विश्व के सामने लाना चाहिए। इससे कश्मीर पर पाकिस्तान के झूठ की पोल भी खुल जाएगी।

23 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

गूगल पर धोनी सर्च करना खतरे से नहीं है खाली, एक क्लिक में देखें कारोबार और टेक की खबरें

इंटरनेट सिक्यॉरिटी सॉल्यूशंस कंपनी McAfee ने इस संबंध मे एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि गूगल पर धोनी के नाम से हजारों फर्जी लिंक मौजूद हैं।

23 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree