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हिंदी की ताकत वही है जो हिंदुस्तान की है, लेकिन हिंदी को हिब्रू-सा गौरव कब मिलेगा?

हेमंत शर्मा Updated Sun, 15 Sep 2019 12:58 AM IST
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हिंदी जो हमारी अस्मिता का बोध है; जो हमारी मातृभाषा है; जो हमारी सोच की रगों में लहू बनकर बहती है; जो हमारी आजीविका का साधन है;  जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा है, आखिर उसका दिवस, सप्ताह या पखवाड़ा मनाने का चोंचला क्यों? हिंदी तो इस देश की आत्मा है। फिर उसे सरकारी फाइलों से क्यों जूझना पड़ रहा है?
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दक्षिण पूर्व भूमध्य सागर के पूर्वी छोर पर एक देश है इस्राइल। इसके उत्तर में लेबनान, पूर्व में सीरिया और जॉर्डन तथा दक्षिण-पश्चिम में मिस्र है। 20 हजार वर्ग किमी के क्षेत्रफल वाला यह देश दुनिया भर में हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। इस्राइल की स्थापना 14 मई, 1948 को हुई थी। इससे पहले इस नाम के किसी देश का कोई अस्तित्व नहीं था। यहूदियों पर उस्मान साम्राज्य राज करता था। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान 1917 में उस्मान साम्राज्य का पतन हो गया। अलग देश की मांग उठी और ब्रिटेन फलस्तीन पर राज करने लगा। अंग्रेजों ने बेलफोर्स घोषणा कर यहूदियों के लिए अलग देश की मांग का समर्थन किया।

ब्रिटिश राज ने संयुक्त राष्ट्र से यहूदी-फलस्तीन झगड़े का हल निकालने को कहा। संयुक्त राष्ट्र ने फलस्तीन को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला लिया। पहला हिस्सा यहूदियों को, दूसरा अरब को और तीसरा येरूशलम। अंग्रेजी राज खत्म होने पर इस्राइल ने खुद को आजाद देश घोषित किया। डेविड बेन-गुरियन इस्राइल के संस्थापक और पहले प्रधानमंत्री थे। वह एक कट्टर यहूदी राष्ट्रवादी थे। उनकी भाषा हिब्रू करीब 3,000 साल पुरानी थी। पर संस्कृत की तरह वह मृत भाषा हो गई थी। प्रधानमंत्री बनते ही गुरियन ने अपने सहयोगियों से पूछा कि अगर हिब्रू को राजभाषा बनाना हो, तो कितना वक्त लगेगा? अफसरों ने कहा, वक्त लगेगा। गुरियन ने कहा, कल सुबह से हिब्रू इस देश की राजभाषा होगी। दूसरे रोज सुबह हिब्रू को राजभाषा का दर्जा दे दिया गया। अरबी को विशेष भाषा के दर्जे के साथ।

आज हिब्रू इस्राइल की सरकार, वाणिज्य, अदालत, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में इस्तेमाल की जाने वाली आधिकारिक भाषा है। 90 लाख से अधिक लोग हिब्रू बोलते हैं, जिनमें से अधिकतर की यह मातृभाषा है। हिब्रू के इस्राइल की राजभाषा बनने की कहानी प्रखर राष्ट्रवाद और दृढ़ इच्छाशक्ति की कहानी है। अब यहां से अपने देश की सीमा में प्रवेश करते हैं।
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