जो जैसा, उसकी दृष्टि वैसी

Yashwant Vyas Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
नीतिशास्त्रों में कहा गया है कि खुद की अनुभूति कर दूसरे की स्थिति जान लेनी चाहिए। अगर स्वयं अच्छे होंगे, तो पूरी दुनिया भी अच्छी दिखाई देगी, और अगर स्वयं पापकर्म में लिप्त रहेंगे, तो शेष दुनिया भी पापी ही दिखाई देगी। और ऐसे पापी व्यक्ति का कभी कल्याण नहीं हो सकता। इसी से जुड़ा एक प्रसंग महाभारत का है।
महाराज युधिष्ठिर ने अश्वमेध यज्ञ किया। यज्ञ में सभी प्रमुख संत-महात्मा, ऋषिगण, विद्वान तथा विभिन्न राज्यों के नरेश उपस्थित थे। भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को कोई अत्यंत मूल्यवान वस्तु दी और कहा कि यहां उपस्थित जनों में से जो सर्वश्रेष्ठ हों, उन्हें यह उपहार के रूप में भेंट कर दो। युधिष्ठिर ने जवाब दिया, यदुनंदन, मुझे इन उपस्थित विभूतियों में से एक भी ऐसा नहीं लगा, जो किसी से कम श्रेष्ठ हो। मुझे सभी गुणी, नीतिवान और धर्म का अनुसरण करने वाले दिखाई दिए। इसलिए मैं इस उपहार को वापस करता हूं।

श्रीकृष्ण ने फिर दुर्योधन को बुलाया तथा उसे भी वही कहा। दुर्योधन कुछ देर बाद वापस लौट आए और कहा, गोविंद, मुझे इनमें से एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला, जिसमें अवगुण न हों। किसी में कोई अवगुण था, तो किसी में कोई। ऐसी स्थिति में मैं किसे सर्वश्रेष्ठ मानकर उपहार देता? तब भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, यही दृष्टिकोण का अंतर है। जो जैसा होता है, उसे दूसरे भी वैसे ही दिखाई देते हैं।

Spotlight

Most Read

Opinion

कश्मीर में अमन का मौका

कश्मीर समस्या का सारा दोष नरेंद्र मोदी पर डालने वाले लोग झूठ बोल रहे हैं। पर नरेंद्र मोदी ने अगर नए सिरे से कश्मीर नीति बनाई होती और वास्तव में परिवर्तन और विकास जमीनी तौर पर लाकर दिखाया होता, तो हो सकता है घाटी में शांति बहाल रहती।

24 जून 2018

Related Videos

जानिए आखिर क्यों इंदिरा गांधी मजबूर हुईं देश में इमरजेंसी लागू करने के लिए

साल 1975 में भारत ने इतिहास का सबसे काला दौर देखा था। उस वक्त देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का राज था।

24 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen