विज्ञापन
विज्ञापन

गांव में कितने सच्चे वैष्णव

Yashwant Vyas Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
नीतिशास्त्रों में कहा गया है कि खुद को विनम्र, दूसरों से छोटा मानने वाला और सामने वाले को सम्मान देने वाला व्यक्ति ईश्वर की संतान समान है। ऐसा व्यक्ति समाज में उच्च स्थान प्राप्त करता है। इसी से जुड़ा एक प्रसंग एक संत का है, जो वृंदावन धाम की ओर रवाना हुए। रास्ते में रात हुई, तो एक गांव में आराम करने की योजना बनाई। उनका नियम था कि जल भी उसी घर का पीते थे, जिनका खान-पान और आचार-विचार पवित्र हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने गांव के एक घर के आगे खड़े होकर एक व्यक्ति से कहा, भाई, मुझे रात बितानी है। मेरा यह नियम है कि मैं शुद्ध आचार-विचार वाले व्यक्ति के घर की भिक्षा तथा जल ग्रहण करता हूं। क्या मैं आपके घर रात भर के लिए ठहर सकता हूं। उस व्यक्ति ने हाथ जोड़कर कहा, महाराज, मैं तो नराधम हूं। मेरे सिवा अन्य सभी लोग परम वैष्णव हैं। फिर भी यदि आप मेरे घर को अपने चरणों से पवित्र कर दें, तो मैं अपने को भाग्यशाली मानूंगा। संत आगे बढ़े तथा दूसरे घर के दरवाजे को खटखटाया। दूसरे ने भी यही जवाब दिया।

जब गांव के प्रत्येक नागरिक ने अपने को नीच तथा अन्य सभी को वैष्णव बताया, तब संत जी को यह समझते देर नहीं लगी कि अपने को औरों से दीन-हीन तथा छोटा समझने वाले इस गांव के सभी विनम्र लोग सच्चे वैष्णव हैं। संत जी एक सद्गृहस्थ से बोले, भाई, नीचे तुम नहीं, मैं हूं और आज तुम्हारे घर का अन्न-जल ग्रहण कर मैं पवित्र हो जाऊंगा।

Recommended

शनि जयंती (03 जून 2019, सोमवार) के अवसर पर शनि शिंगणापुर में शनि को प्रसन्न करने के लिए तेल अभिषेकम्
Astrology

शनि जयंती (03 जून 2019, सोमवार) के अवसर पर शनि शिंगणापुर में शनि को प्रसन्न करने के लिए तेल अभिषेकम्

कैसे होगा करियर, कैसा चलेगा व्यापार, किसे मिलेगी तरक्की और किसे मिलेगा प्यार ! जानिए विश्वप्रसिद्व ज्योतिषाचार्यो से
Astrology

कैसे होगा करियर, कैसा चलेगा व्यापार, किसे मिलेगी तरक्की और किसे मिलेगा प्यार ! जानिए विश्वप्रसिद्व ज्योतिषाचार्यो से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Opinion

जमीनी हकीकत की वास्तविकता को समझने की बजाय काल्पनिक दुनिया में बह गया विपक्ष

अब जनता ने उन्हें दोबारा मौका दिया है, उन्हें राष्ट्र निर्माण के अधूरे काम को पूरा करना चाहिए। अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद मोदी को विपक्षी पार्टियों के विरोधी विचारों पर भी ध्यान देना चाहिए।

25 मई 2019

विज्ञापन

स्वरा भास्कर ने जिन-जिन का किया प्रचार, उनमें से किसी का नहीं हुआ बेड़ापार

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में अलग-अलग पार्टियों के अलग-अलग कैंडिडेट के लिए प्रचार किया था। लेकिन इसे मोदी लहर कहें या कुछ और ये सभी कैंडिडेट चुनाव हार गए।

25 मई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree