विज्ञापन

विरक्त व्यक्ति ही सम्मान पाता है

Yashwant Vyas Updated Tue, 03 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
धर्मग्रंथों में लिखा गया है कि कभी भी मोह-माया अथवा लोभ-लालच में नहीं पड़ना चाहिए। विरक्त व्यक्ति हमेशा समाज में सम्मान प्राप्त करता है। इसी संदर्भ में एक प्रसंग उमापति त्रिपाठी का है। अयोध्या के परम भक्त और विद्वान पंडित उमापति त्रिपाठी राजर्षि वशिष्ठ जी के वंशज होने के नाते भगवान श्रीराम की आराधना शिष्य के रूप में करते थे। वह वशिष्ठ जी की तरह ही महान, विरक्त और स्वाभिमानी थे। वह छात्रों को निःशुल्क संस्कृत भाषा तथा शास्त्रों का अध्ययन कराया करते थे। लोग उनके पास अपनी जिज्ञासा शांत करने आते थे।
विज्ञापन
एक बार अवध के राजा ददुआ साहब ने राजसदन का निर्माण कराने का निर्णय लिया। उन्होंने वशिष्ठ वंशी उमापति त्रिपाठी के हाथों से उसका शिलन्यास कराना चाहा। उन्हें संदेश भेजा गया कि वह शिलान्यास करने की स्वीकृति प्रदान करें, दक्षिणा के रूप में चांदी की सवा लाख मुद्राएं उन्हें भेंट की जाएंगी।

त्रिपाठी जी ने दूत से कहा, राजा साहब को बता देना कि मैं वशिष्ठ वंशी हूं। मुद्राओं के लालच में कोई कार्य करने को तत्पर नहीं हो सकता। यदि वह मुद्राएं देने का प्रलोभन नहीं देते, तो मैं खुशी-खुशी विधि-विधान से शिलन्यास कराने पहुंच जाता, लेकिन अब नहीं आ सकता। राजा ददुआ ने भरपूर प्रयास किया, किंतु स्वाभिमान और विरक्ति की मूर्ति त्रिपाठी जी उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए। सभी अवधवासी उनकी विरक्ति देखकर हतप्रभ रह गए।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Opinion

स्वच्छ भारत और सीवर में मौत

पिछले करीब सौ दिनों में लगभग चालीस लोग सीवर साफ करते हुए मारे गए हैं। सीवर की सफाई के लिए आधुनिक उपकरण मौजूद हैं, पर शासक इन पर पैसा खर्च करने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि मैला साफ करने वालों को मनुष्य ही नहीं समझा जाता।

23 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

दीपिका से लेकर प्रियंका और अनूप जलोटा से लेकर अनुराग तक की अधूरी ख्वाहिशों के पूरे खुलासे

बॉलीवुड कॉकटेल में इस बार हम लेकर आए हैं दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा की अगली मेगा बजट फिल्मों के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी।

24 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree