मृत्यु के बाद कोई बैर नहीं

Yashwant Vyas Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
धर्मग्रंथों में कहा गया है कि पापी से पापी व्यक्ति के कल्याण की कामना ही सच्चा मानव धर्म है। मृत्यु के बाद किसी के प्रति मन में बैर भाव नहीं आने देना चाहिए। इसी संदर्भ में महाभारत का एक प्रसंग है। दुर्याधन समेत सभी कौरवों का युद्ध में विनाश हो गया था। एक दिन धृतराष्ट्र के मन में आया कि मृत पुत्रों का विधिवत श्राद्ध आदि कर्म नहीं हो पाया है। अपने पाप कर्मों के कारण उन्हें नरक में दुख न भोगना पड़ रहा हो! धृतराष्ट्र ने राजा युधिष्ठिर से कहा, वृद्धावस्था के कारण मेरा जीवन अब अनिश्चित है। यदि साधनों की व्यवस्था हो जाए, तो मैं अपने हाथों मृत पुत्रों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म आदि संपन्न करना चाहता हूं।
युधिष्ठिर धर्मग्रंथों के परम ज्ञाता थे। उन्होंने पांडवों के समक्ष धनादि की व्यवस्था कर धृतराष्ट्र की इच्छा पूर्ति का प्रस्ताव रखा। भीम ने ये वचन सुने, तो क्रोध में भरकर कहा, जो धृतराष्ट्र पुत्रों के मोह में अंधा होकर हमारा उत्पीड़न चुपचाप देखते रहे, जिन कौरवों ने हमारे सर्वनाश के लिए षड्यंत्र रचे, उन्हीं की आत्मा की शांति के लिए धन दिया जाना, उचित नहीं। युधिष्ठिर ने भीम को समझाते हुए कहा, मृत्यु के बाद किसी के प्रति बैर भाव रखना अधर्म है। कौरव अपने पापों का फल भोग चुके हैं। हमें उनके कल्याण के लिए तत्पर रहना चाहिए। युधिष्ठिर के समझाने से भीम का क्रोध शांत हुआ और पांडवों ने धृतराष्ट्र को सहर्ष श्राद्ध आदि कर्म के लिए धन प्रदान किया।

Spotlight

Most Read

Opinion

नदी जोड़ परियोजना की उलझन

राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद अनसुलझे हैं। सतलुज-यमुना लिंक नहर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के विवाद जगजाहिर हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच अंग्रेजों के जमाने से कावेरी जल विवाद चला आ रहा है।

18 जून 2018

Related Videos

पंचांग: मंगलवार को इस वक्त बन रहा है शुभ मुहूर्त, बनेंगे सारे बिगड़े काम

मंगलवार को लग रहा है कौनसा नक्षत्र और बन रहा है कौनसा योग? दिन के किस पहर करें शुभ काम? जानिए यहां और देखिए पंचांग मंगलवार 19 जून 2018।

18 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen