अमेरिका के नजदीक जाता पाकिस्तान

Tavleen Singh Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
Pakistan is close to America
आखिरकार महीनों की जद्दोजहद के बाद पाकिस्तान नाटो की वह आपूर्ति लाइन खोलने के लिए तैयार हो गया है, जिसे उसने विगत नवंबर में बंद कर दिया था। गिलानी सरकार के इस फैसले पर विपक्ष और धार्मिक संगठनों का आग-बबूला होना तय है, लेकिन यह कदम बताता है कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते पर जमी बर्फ अब पिघलने लगी है। शिकागो में इसी महीने आयोजित होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी जाएंगे। जबकि पिछले साल बॉन में अफगानिस्तान पर हुए सम्मेलन में पाकिस्तान ने शिरकत नहीं की थी।

गौरतलब है कि अभी थोड़े दिनों पहले हिलेरी क्लिंटन ने भारत आने के बाद कहा था कि अमेरिका और भारत के कई बार कहने के बावजूद पाकिस्तान दहशतगर्दी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। हाल के दिनों में दोनों देशों के आपसी रिश्तों में कड़वाहट ज्यादा ही बढ़ गई थी।

इसकी मुख्य तीन वजहें थीं- विगत नवंबर में नाटो के हमले में 24 पाक सैनिकों के मारे जाने पर अमेरिका का सार्वजनिक माफी मांगने से इनकार करना, पाक संसद द्वारा कबायली क्षेत्र में दो बार ड्रोन-विरोधी प्रस्तावों की परवाह न करते हुए अमेरिका का ड्रोन हमले बंद न करना, और अमेरिका के बार-बार कहने के बावजूद अफगानिस्तान में तैनात नाटो फौज के आपूर्ति मार्गों का इसलामाबाद द्वारा न खोलना।

काबिल-ए-गौर है कि रिश्तों में बढ़ती हुई खटास को दूर करने के लिए कुछ दिनों पहले अमेरिकी दूत मार्क ग्रॉसमैन उच्च स्तरीय टीम के साथ पाकिस्तान पहुंचे थे, लेकिन बातचीत बीच में ही टूट गई। दरअसल अमेरिका को मालूम था कि अगर उसने नाटो फौज द्वारा पाक सैनिकों की हत्या के लिए सार्वजनिक माफी मांगी, तो इसका प्रतिकूल असर नवंबर में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव पर पड़ेगा। चूंकि अगले साल की शुरुआत में पाकिस्तान में भी आम चुनाव होने हैं, इसलिए सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) चाहती थी कि अमेरिका अपने किए की माफी मांगे, ताकि वह जनता को अपना मुंह दिखा सके। जाहिर है, अहं की इस लड़ाई में पाकिस्तान ने ही अपने घुटने अमेरिका के सामने टेकने के संकेत दिए हैं।

जहां तक अमेरिका का सवाल है, तो उसने पहले ही साफ कर दिया था कि ड्रोन हमले जारी रहेंगे, क्योंकि इनसे कबायली क्षेत्र में छिपे हुए अल कायदा और तालिबान दहशतगर्दों का सफाया करने में मदद मिल रही है। अमेरिका मानता आया है कि ये लोग अफगान-पाक सीमा पार कर अफगानिस्तान में नाटो सैनिकों को गोलियों का निशाना बनाते हैं, इसलिए उनका खात्मा जरूरी है। लेकिन दिक्कत यह है कि इन हमलों में दहशतगर्दों के साथ आम निर्दोष नागरिक, महिलाएं और बच्चे भी मारे जाते हैं।

एक अनुमान के अनुसार, 2004 से अब तक लगभग 321 ड्रोन हमले हो चुके हैं, जिनमें चार हजार लोग मारे जा चुके हैं। इनमें करीब 900 निर्दोष नागरिक भी शामिल हैं।

लेकिन अमेरिकी दबाव के आगे पाकिस्तान के झुकने के संकेत मिलने लगे थे। उसने बीच के रास्ते की तलाश शुरू कर दी थी। स्पष्ट है कि उसे अपनी चरमराती आर्थिक व्यवस्था की ज्यादा चिंता है। वह इन दिनों गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है और उससे निकलने के लिए अमेरिका की मदद बहुत जरूरी है। पाक रक्षा मंत्री अहमद मुख्तार ने हाल ही में अपनी प्रेस कांफ्रेंस में स्वीकारा था, अगर हमने रास्ता बंद रखा, तो अमेरिका हम पर आर्थिक और कई अन्य पाबंदियां लगा सकता है और वित्तीय सहायता बंद भी कर सकता है, जिससे पाकिस्तान की आर्थिक हालत और खराब हो सकती है।

अमेरिका ने इसलामाबाद को यह संदेश भी भेजा था कि अगर वह नाटो आपूर्ति मार्ग खोलने का कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तो वह इस मामले में विपक्ष के नेता नवाज शरीफ पर भरोसा करेगा। उसकी इस धमकी का भी असर पड़ा हो, तो आश्चर्य नहीं। उम्मीद की जा रही है कि शिकागो में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान आपसी बातचीत से रिश्तों में आया गतिरोध खत्म करने की कोशिश करेगा। सारी दुनिया की निगाह बातचीत के नतीजों पर टिकी हुई है।

Spotlight

Most Read

Opinion

यह कोर्ट का अंदरूनी मसला नहीं

यह कहना कि अदालत या जज का रवैया पक्षपातपूर्ण है, अदालत और जज की नीयत पर सवाल उठाना है। अगर चार जजों ने जनता की अदालत में प्रधान न्यायाधीश को कठघरे में खड़ा किया है, तो ऐसा करने के तमाम आधार भी जनता की अदालत में पेश करने होंगे।

16 जनवरी 2018

Related Videos

सोशल मीडिया ने पहले ही खोल दिया था राज, 'भाभीजी' ही बनेंगी बॉस

बिग बॉस के 11वें सीजन की विजेता शिल्पा शिंदे बन चुकी हैं पर उनके विजेता बनने की खबरें पहले ही सामने आ गई थी। शो में हुई लाइव वोटिंग के पहले ही शिल्पा का नाम ट्रेंड करने लगा था।

15 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper