फिच की रेटिंग

Mrinal Pandey Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
पिछले अप्रैल में स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स (एसऐंडपी) ने हमारी साख घटाई थी, और अब फिच ने भी इसे घटाकर नकारात्मक कर दिया है। रेटिंग घटाने की वजह विकास दर बनाए रखने में आ रही मुश्किलें हैं। साख घटने से न सिर्फ विदेशी निवेशकों का हमारी अर्थव्यवस्था के प्रति भरोसा घटता है, बल्कि विदेशी कर्ज भी महंगे हो जाते हैं, जिससे देश में विकासात्मक कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
जिस क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने अब भारत की साख घटाई है, वह फिमेलेक और हर्स्ट कॉरपोरेशन की संयुक्त स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी महत्ता का अंदाजा इसी से लगता है कि स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स और मूडीज के साथ फिच की गिनती दुनिया की शीर्ष तीन रेटिंग एजेंसियों में होती है। फिच की शुरुआत जॉन नॉल्स फिच ने 24 दिसंबर, 1913 को न्यूयॉर्क में की। यह वैश्विक अनुसंधान और आंकड़ा इकट्ठा कर किसी देश की रेटिंग तय करती है।

यह रेटिंग मुख्यतः दो तरह की होती है, पहली लांग टर्म क्रेडिट रेटिंग, और दूसरी शॉर्ट टर्म क्रेडिट रेटिंग। लांग टर्म क्रेडिट रेटिंग की शुरुआत 1924 से हुई। इसके लिए अंगरेजी वर्णमाला के बड़े अक्षर ए से लेकर डी तक का इस्तेमाल किया गया। इसी परिपाटी को स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स ने भी अपनाया। इसके अतिरिक्त गणित के प्लस और माइनस चिह्न का इस्तेमाल भी इसमें होता है।

फिच का एक मुख्यालय न्यूयॉर्क में है, तो दूसरा लंदन में। पूरी दुनिया में इसके 50 से ज्यादा कार्यालय हैं, जिससे दो हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि कंपनी का उद्देश्य निवेशकों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है, पर इसकी रेटिंग को लेकर एकाध बार विवाद भी उठे हैं।

Spotlight

Most Read

Opinion

नदी जोड़ परियोजना की उलझन

राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद अनसुलझे हैं। सतलुज-यमुना लिंक नहर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के विवाद जगजाहिर हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच अंग्रेजों के जमाने से कावेरी जल विवाद चला आ रहा है।

18 जून 2018

Related Videos

देहरादून में पीएम ने किया योग समेत 5 बड़ी खबरें

अमर उजाला टीवी पर देश-दुनिया की राजनीति, खेल, क्राइम, सिनेमा, फैशन और धर्म से जुड़ी से जुड़ी खबरें। देखिए LIVE BULLETINS - सुबह 7 बजे, सुबह 9 बजे, 11 बजे, दोपहर 1 बजे, दोपहर 3 बजे, शाम 5 बजे और शाम 7 बजे।

21 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen