सचमुच की योद्धा

Vinit Narain Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
सफलता की नित नई इबारतें गढ़ना ही जिसका शगल हो, उसके लिए तो हर सफलता केवल एक जरिया है, कामयाबी के और ऊंचे शिखरों को छूने का। कुछ ऐसी ही शख्सियत हैं, सिस्को सिस्टम्स की मुख्य तकनीकी और रणनीति अधिकारी पद्मश्री वॉरियर। अमेरिका की बिजनेस पत्रिका फोर्ब्स ने अपने हालिया अंक में 51 वर्षीय पद्मश्री को तकनीकी क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए, दुनिया की सौ सर्वाधिक शक्तिशाली महिलाओं की सूची में 58वां स्थान दिया है।
वर्ष 1961 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में जन्मी और आईआईटी, दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली पद्मश्री को मिले सम्मानों की सूची बहुत लंबी है। मसलन फॉरच्यून पत्रिका उन्हें दस सर्वाधिक वेतन पाने वाली युवा और शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल कर चुकी है। इकोनॉमिक टाइम्स ने 2005 में उन्हें सर्वाधिक प्रभावी ग्लोबल इंडियंस की सूची में 11वां स्थान दिया था।

पद्मश्री ने 1984 में मोटोरोला को जॉइन किया और यह उन्हीं का कौशल था िक 2004 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के हाथों कंपनी को पहली बार नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी से नवाजा गया। अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए अमेरिकन इमीग्रेशन लॉ फाउंडेशन ने 2003 में उन्हें ‘इमीग्रांट एचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था। वर्ष 2007 में उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी के अंतरराष्ट्रीय हाल ऑफ फेम में शामिल किया गया।

नेलसन मंडेला और मदर टेरेसा को अपना प्रेरणास्रोत मानने वाली पद्मश्री को व्यस्तताओं के बीच जब भी समय मिलता है, वह किताबों की दुनिया में खो जाती हैं। वह मानती हैं कि अगर किसी किताब ने वास्तव में उनका जीवन बदल दिया, तो वह है पॉउलो कोहले की अल्केमिस्ट।

शिकागो सन टाइम्स ने पद्मश्री की तुलना ब्लेड की धार से की थी, लेकिन उनके मातहतों की मानें, तो पद्मश्री दिमाग से इंजीनियर हैं, पर उनका दिल बेहद नरम है और सहकर्मियों से परिहास करने का वह कोई मौका नहीं छोड़तीं। वह आज भी आईआईटी, दिल्ली में अपने दोस्त, जो अब उनके पति हैं, के साथ बिताए गए उन पलों को याद करती हैं, जब देर रात में दोनों चाय की दुकान खोजते थे, हालांकि यह दीवानगी चाय के बहाने विश्व से भूख को समाप्त करने या अगले दिन की क्लास से छुटकारा पाने के उपायों पर होने वाली चर्चाओं के लिए अधिक होती थी।

Spotlight

Most Read

Opinion

कश्मीर में अमन का मौका

कश्मीर समस्या का सारा दोष नरेंद्र मोदी पर डालने वाले लोग झूठ बोल रहे हैं। पर नरेंद्र मोदी ने अगर नए सिरे से कश्मीर नीति बनाई होती और वास्तव में परिवर्तन और विकास जमीनी तौर पर लाकर दिखाया होता, तो हो सकता है घाटी में शांति बहाल रहती।

24 जून 2018

Related Videos

पानी से बेहाल मायानगरी मुंबई समेत 5 बड़ी खबरें

अमर उजाला टीवी पर देश-दुनिया की राजनीति, खेल, क्राइम, सिनेमा, फैशन और धर्म से जुड़ी से जुड़ी खबरें। देखिए LIVE BULLETINS - सुबह 7 बजे, सुबह 9 बजे, 11 बजे, दोपहर 1 बजे, दोपहर 3 बजे, शाम 5 बजे और शाम 7 बजे।

25 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen