ब्रेन मैपिंग टेस्ट

Vinit Narain Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
दिल्ली पुलिस गीतिका शर्मा हत्याकांड के सिलसिले में मुख्य आरोपी गोपाल गोयल कांडा का ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवा सकती है। ब्रेन मैपिंग टेस्ट वस्तुतः एक ऐसी जांच प्रक्रिया है, जिसके तहत आरोपी के मस्तिष्क की हलचलों की छवियों के जरिये उसके दोषी होने का पता लगाया जाता है। यह परीक्षण आरोपी व्यक्ति के व्यवहार की व्याख्या करने और जांच अधिकारियों के अवलोकन एवं संदिग्ध आरोपी के बयान की पुष्टि के लिए किया जाता है।
ब्रेन मैंपिंग टेस्ट का आविष्कार अमेरिकी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ लारेंस ए फारवेल ने किया था।
इस टेस्ट में अभियुक्त को कंप्यूटर से जुड़ा एक हेलमैट पहनाया जाता है, जिसमें कई सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे होते हैं। जांच के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञ आरोपी को अपराध से जुड़ी वस्तुओं के चित्र दिखाते या कुछ ध्वनियां सुनाते हैं और उन पर आरोपी के मस्तिष्क की प्रतिक्रिया का निरीक्षण कर उसकी संदिग्धता का पता लगाते हैं। सेंसर मस्तिष्क की गतिविधियों को मॉनिटर करता है और पी 300 तरंगों को अंकित करता है। ये तरंगे तभी पैदा होती हैं, जब आरोपी का उन चित्रों और ध्वनियों से कोई संबंध होता है। अध्ययनों से पता चला है कि निर्दोष आरोपी अपराध से जुड़ी ध्वनियों और चित्रों को पहचान नहीं पाते, जबकि दोषी संदिग्ध उन्हें पहचान लेते हैं। इस जांच के दौरान संदिग्ध आरोपी से कोई सवाल नहीं पूछा जाता।

ब्रेन मैपिंग टेस्ट के नतीजे 99.99 प्रतिशत सटीक होते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि आरोपी की रजामंदी के बिना इस टेस्ट के नतीजों को सुनवाई के दौरान साक्ष्य के रूप में नहीं माना जाएगा, फिर भी कई मामलों में आरोपियों का ब्रेन मैपिंग किया गया है।

Spotlight

Most Read

Opinion

नदी जोड़ परियोजना की उलझन

राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद अनसुलझे हैं। सतलुज-यमुना लिंक नहर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के विवाद जगजाहिर हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच अंग्रेजों के जमाने से कावेरी जल विवाद चला आ रहा है।

18 जून 2018

Related Videos

बीजेपी-पीडीपी ब्रेकअप पर उमर अब्दुल्ला ने तोड़ी चुप्पी

जम्मू कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद राजनीतिक संकट खड़ी हो गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब सरकार किसकी बनेगी। इस मुद्दे पर पूर्व सीएम सुनिए उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा।

19 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen