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एंड्रायड

Vinit Narain Updated Thu, 28 Jun 2012 12:00 PM IST
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सैन फ्रांसिस्को में चल रहे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की बैठक में यह बात सामने आई है कि भारत, ब्राजील, थाईलैंड जैसे देशों में एंड्रायड उपकरणों के इस्तेमाल में पिछले वर्ष 500 गुना का इजाफा हुआ है। अभी यहां प्रतिदिन करीब दस लाख उपभोक्ता एंड्रायड उपकरण खरीदते हैं। हालांकि अपने देश में एंड्रायड उपकरणों की संख्या में इजाफा होने की एक बड़ी वजह इसकी कीमत है, जो न्यूनतम पांच हजार रुपये है।
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एंड्रायड लिनक्स पर आधारित एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल स्मार्टफोन अथवा टैबलेट जैसे उपकरणों में होता है। लिनक्स असल में यूनिक्स की तरह का एक ऑपरेटिंग सिस्टम होता है, जिसकी सहायता से जरूरी सॉफ्टवेयर मुफ्त में डाउनलोड किए जा सकते हैं। यानी, एंड्रायड स्मार्टफोन अथवा टैबलेट पर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने में उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होती। इस सिस्टम को विकसित करने का श्रेय ओपन हैंडसेट एलायंस नामक कंपनी को जाता है, जिस पर गूगल, सोनी, डेल, इंटेल, मोटोरोला जैसी कई कंपनियों का मालिकाना हक है।

मोबाइल मार्केट में अभी एंड्रायड स्मार्टफोन की काफी मांग है। इस वर्ष की शुरुआती तिमाही में वैश्विक मोबाइल बाजार के 59 फीसदी हिस्से पर एंड्रायड फोन का कब्जा था, जबकि पहला एंड्रायड फोन 22 अक्तूबर, 2008 को एचटीसी ड्रीम नाम से जारी किया गया था। असल में इसे लोग इसलिए भी पसंद कर रहे हैं, क्योंकि इस सुविधा से लैस उपकरण में कई भाषाओं में काम किया जा सकता है और वीडियो कॉलिंग या आवाज की सहायता से खोज जैसी कई सुविधाएं भी इसमें होती है। मल्टी चैनल और मल्टी-करियर भी इसे आम से खास बनाता है।

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