अंतरिक्ष में महिलाएं

Vinit Narain Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
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अंतरिक्ष जाने वाली महिलाओं की सूची में अब लियु यांग का नाम भी जुड़ गया है। यांग ऐसा कारनामा करने वाली चीन की पहली महिला बन गई हैं। हालांकि अंतरिक्ष की असीमित दुनिया की तरफ महिलाओं का यह आकर्षण नया नहीं है। जब से मानव ने अंतरिक्ष को जानने-समझने का प्रयास तेज किया है, महिलाएं भी इसमें बढ़-चढ़कर शामिल हुई हैं।
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बानगी देखिए कि 12 अप्रैल, 1961 को रूसी अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरीन अंतरिक्ष जाने वाले प्रथम व्यक्ति बने, तो इसके ठीक दो वर्ष बाद 16 जून, 1963 को रूस की ही वेलेंटिना तेरेशकोवा भी ऐसा करने में कामयाब हुई। नासा की मानें, तो अब तक 525 यात्री अंतरिक्ष की यात्रा कर चुके हैं, जिसमें विगत अप्रैल तक विभिन्न देशों की 54 महिलाएं भी बतौर अंतरिक्ष यात्री अथवा पेलोड विशेषज्ञ इसमें शामिल हुईं।
तेरेशकोवा ने जब अंतरिक्ष की उड़ान भरी थी, तो अंतरिक्ष की खोज अपने शैशवावस्था में था। लिहाजा करीब बीस वर्षों तक इस क्षेत्र में महिलाओं की मौजूदगी नगण्य रही। 1980 के दशक के बाद महिलाएं इस दिशा में सक्रिय हुईं, और रूस की ही बाला स्वेतलाना सवित्सकाया अंतरिक्ष पहुंची। वह न सिर्फ दूसरी महिला अंतरिक्षयात्री थीं, बल्कि अंतरिक्ष में चहलकदमी करने वाली पहली महिला भी बनीं।
इस क्षेत्र में अमेरिकी महिलाओं का आगमन सैली राइड के साथ हुआ, जो 1983 और 1984 में अंतरिक्ष गईं। भारतीय मूल की कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स दो ऐसे नाम हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में शोहरत हासिल की। हालांकि फरवरी, 2003 में पृथ्वी पर वापस लौटने के दौरान हुए हादसे (कोलंबिया हादसे) में अमेरिकी अंतरिक्षयात्री कल्पना की दुखद मौत हो गई।
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