'My Result Plus
'My Result Plus

भीतर भी घिरे और बाहर भी

Vinit Narain Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
Enclosed within and outside
ख़बर सुनें
पाकिस्तान में शांति और स्थिरता के बारे में सोचना कुछ ज्यादा ही उम्मीद करना है। इन दिनों वहां न्यायपालिका और विधायिका के बीच जारी टकराव के कारण सरकार समस्याओं से आंखें मूंदकर बैठी है। वहां महंगाई बढ़ रही है। लोग बिजली की कमी से जूझ रहे हैं। उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं। लेकिन विधायिका-न्यायपालिका विवाद इन सब पर भारी पड़ रहा है। बहुचर्चित मेमोगेट मामले में न्यायिक जांच आयोग ने पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी का हाथ बताते हुए उन्हें गद्दार माना है।
ओसामा के मारे जाने के बाद हक्कानी ने पाकिस्तान में सैन्य तख्तापलट की आशंका जताते हुए उसे रोकने के लिए अमेरिका की मदद मांगी थी। विपक्षी पार्टी मुसलिम लीग (नवाज) ने सर्वोच्च न्यायालय से अपील की है कि इस कांड के पीछे जो लोग भी शामिल हैं, उन्हें सामने लाया जाए। उसने सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की मिली-जुली सरकार को बर्खास्त करने की मांग भी की है। आम खयाल यह है कि हक्कानी खुद अपने स्तर पर ऐसा बड़ा कदम नहीं उठा सकते थे। उन्हें ऐसा करने के लिए जरूर जरदारी या गिलानी ने इशारा किया होगा।

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी के बेटे अरसलान और पाक के सबसे बड़े भवन निर्माता और उद्योगपति मलिक रियाज के कथित संबंधों के बारे में मीडिया में आई रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जो सुनवाई शुरू हुई है, उसमें शक की सुई जरदारी या गिलानी की तरफ ही घूम रही है। अरसलान पर शीर्ष अदालत में मलिक रियाज के खिलाफ चल रहे मुकदमों को प्रभावित करने के एवज में 34.25 करोड़ रुपये लेने और विदेशी दौरों पर जाने का आरोप है। मलिक रियाज के जरदारी और गिलानी से निकट के संबंध हैं। इसीलिए माना जा रहा है कि यह ईमानदार न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को बदनाम करने की एक साजिश है।

दुनिया जानती है कि एक लंबे अरसे से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की इफ्तिखार चौधरी से तनातनी चल रही है। इस मामले में वहां का इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी घेरे में आ गया है। आरोप है कि मलिक रियाज से टीवी चैनल पर जो सवाल पूछे गए, वे पहले से फिक्स थे। मलिक रियाज ने चंद दिन पहले संवाददाता सम्मेलन में न्यायाधीशों के खिलाफ भद्दी टिप्पणियां की थी और आरोप लगाया था कि इफ्तिखार चौधरी अपने बेटे के लिप्त होने की बात छह महीने से जानते थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

सर्वोच्च न्यायालय ने विगत अप्रैल में गिलानी को अवमानना का दोषी करार देते हुए उन्हें चंद सेकंड की सजा भी सुनाई थी। अनेक लोगों का कहना है कि शीर्ष अदालत द्वारा सजा देने के बाद गिलानी को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। इससे सरकार और न्यायपालिका, दोनों की इज्जत रह जाती। इधर जरदारी के खिलाफ उच्च न्यायालय में अवमानना याचिकाएं सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली गई हैं। याचिकाओं में कहा गया है कि पिछली साल मई में राष्ट्रपति जरदारी के राजनीतिक व सरकारी, दो पदों को लेकर शीर्ष न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के अनुरूप राष्ट्रपति ने अभी तक खुद को राजनीतिक पद से अलग नहीं किया है, जो संविधान के खिलाफ है।

पाकिस्तान में न्यायपालिका और विधायिका का टकराव ऐसे समय में सामने आया है, जब देश गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस समय बजट घाटा सात प्रतिशत है। सरकार पर 88 करोड़ डॉलर का कर्ज है। विदेशी निवेश लगभग बंद हो गया है। महंगाई दर 12 प्रतिशत है। एक अमेरिकी डॉलर 95 पाकिस्तानी रुपये के बराबर है। 18 करोड़ की आबादी में 48 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे की जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं, जिनमें से 37 प्रतिशत लोगों को दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं। यह विडंबना ही है कि ऐसे समय में पाकिस्तान के अपने सबसे बड़े मित्र व माली मददगार अमेरिका से रिश्ते सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। जबर्दस्त अमेरिकी दबाव के बावजूद इसलामाबाद ने अभी तक अफगानिस्तान में नाटो फौजों को रसद पहुंचाने के लिए आपूर्ति मार्ग नहीं खोला है। सवाल यह है कि आर्थिक बरबादी के कगार पर खड़ा पाकिस्तान क्या अमेरिका की नाराजगी मोल ले सकता है!

Spotlight

Most Read

Opinion

पाकिस्तान में उभरती नई ताकत

अगले चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी को हराने के लिए सेना द्वारा मीडिया को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इन सबके बीच पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट की सफलता ध्यान खींचती है।

26 अप्रैल 2018

Related Videos

आसाराम के बाद अब उसके बेटे की बारी, जल्द हो सकती है सजा

नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आसाराम को बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वहीं गुरुवार को उसके बेटे नारायण साईं की कोर्ट में पेशी हुई। नारायण साई पर भी यौन उत्पीडऩ का आरोप है। इस मामले में वो साल 2013 से जेल में बंद है।

26 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen