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कैफे गिजोन

Vinit Narain Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
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विश्व प्रसिद्ध लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे से लेकर सल्वाडोर डॉली और हालीवुड की मशहूर अभिनेत्री ईवा गार्डनर के अड्डे के रूप में मशहूर स्पेन के मैड्रिड शहर का कैफे गिजोन बंद होने के कगार पर है। स्पेन के गृहयुद्ध और तानाशाही के दौर को झेल लेने वाले इस कैफे की छत का स्वामित्व सिटीहॉल के पास है, जो इन दिनों आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है और इस टैरेस को ज्यादा मुनाफे पर बेचना चाहता है।
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छत के बिना इस कैफे के अस्तित्व की कल्पना ही नहीं की जा सकती, क्योंकि लंबे छायादार वृक्षों के साये में खड़े इस कॉफी हाउस की छत पर लगी मेजें शुरू से ही लेखकों, कलाकारों के आकर्षण का केंद्र रही हैं। इसके अलावा इस कैफे के मुनाफे का 60 से 70 फीसदी हिस्सा छत पर लगी मेजों से ही आता है।

15 मई, 1888 को स्थापित इस कैफे की शुरुआत यों तो साधारण ही रही, लेकिन स्पेन के गृहयुद्ध के समय यह लेखकों और कलाकारों, जिन्हें '1936 की पीढ़ी' के नाम से जाना जाता है, के बौद्धिक विमर्श का केंद्र बन गई।

इस कैफे के अस्तित्व के खतरे को लेकर वहां के बौद्धिकों में काफी हलचल है। स्पेन के सांस्कृतिक इतिहास का गवाह रहे इस कैफे के ग्राहकों में स्पेनी लेखक फेदेरिको गार्सिया लोर्का और फिल्म निर्माता लुइस व्यूनाएल, इतालवी अभिनेता मार्सेलो मास्ट्रोएन्नी आदि रहे हैं। अपने 120 वर्षों के इतिहास में 42 कर्मचारियों वाला यह कैफे मात्र दो बार बंद रहा है।

पहली बार गृहयुद्ध के दौरान 1936 से 1939 तक, जब यह नागरिक सैनिकों के लिए कैंटीन बना था और दूसरी बार, 1980 के दशक में मरम्मत के काम के लिए इसे बंद करना पड़ा था। इस कैफे के नाम पर हर वर्ष एक उल्लेखनीय उपन्यास को पुरस्कृत किया जाता है।

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