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टोक्यो स्काई ट्री

Vinit Narain Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
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चीन के कैंटन टावर (1968.5 फुट) को पीछे छोड़ते हुए जापान का टोक्यो स्काई ट्री (2,080 फुट) विश्व का सबसे ऊंचा टावर बन गया है। हालांकि विश्व की सबसे ऊंची इमारत अब भी दुबई की बुर्ज खलीफा ही है, जिसकी ऊंचाई 2,717 फुट है, लेकिन यह रहने और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए बनाई गई है, इसलिए इसे टावर से अलग श्रेणी में रखा गया है।


टोकियो स्काई ट्री को तोबू रेलवे और जापान के राष्ट्रीय प्रसारण निगम एनएचके के नेतृत्व में छह प्रसारकों के एक समूह ने मिलकर बनाया है। इसलिए इस टावर का इस्तेमाल पर्यटन उद्देश्यों के साथ-साथ टेलीविजन और रेडिया सिग्नलों के प्रसारण के लिए भी किया जाएगा, जो अब तक टोकियो टावर से प्रसारित किया जाता रहा है। इस टावर को अलग रंग देने की कोशिश हुई है। इसका अधिकृत रंग स्काई ट्री टावर है, जो वास्तव में जापान के पारंपरिक ऐजेरो से मिलता है, जो नीले और उजले रंग का मिश्रण है। इस टावर का मुख्य आकर्षण 1,148 फुट और 1,476 फुंट की ऊंचाई पर बने दो मुहाने हैं, जहां से पूरे शहर को देखा जा सकता है।


इस टावर की डिजाइन को 24 नवंबर, 2006 को सार्वजनिक किया गया था। तब बताया गया था कि टोकियो स्काई ट्री भविष्य की डिजाइन और जापान के पारंपरिक सौंदर्य का मिश्रण होगा। साथ ही यह टावर शहर के पुनरोद्धार में भी उत्प्रेरक का काम करेगा और आपदा से बचाव में भी मदद करेगा। इसी कड़ी में 14 जुलाई, 2008 को एक भव्य समारोह कर इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया, और विगत 29 जुलाई को इसे मूर्त रूप दे दिया गया। इस टावर के वास्तुकार नीकेन सेकी हैं और इसे बनाने में 44 करोड़ अमेरिकी डॉलर का खर्च आया है।
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