विज्ञापन

शिकागो यूनिवर्सिटी

Vinit Narain Updated Mon, 21 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
स्वामी विवेकानंद ने 1893 में अमेरिका के जिस शिकागो में हिंदुत्व का सारतत्व समझाया था, वहीं के विश्वविद्यालय में अब स्वामी विवेकानंद पीठ की स्थापना हो रही है। इस मुहिम में भारत सरकार भी मदद कर रही है।
विज्ञापन
शिकागो यूनिवर्सिटी एक निजी विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना जॉन डी रॉकफेलर ने 1890 में की थी। विलियम रेनी हार्पर इसके पहले प्रेसिडेंट बने और 1892 से यहां नियमित कक्षाएं शुरू हो गईं। इस विश्वविद्यालय के लिए जमीन लिजेंड्री शिकागो डिपार्टमेंट स्टोर के मालिक मार्शल फील्ड ने उपलब्ध कराई। उन्होंने इस दान को 'अब तक किया गया सबसे बेहतर निवेश' के रूप में परिभाषित किया था।

इस विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली हुई है। इसकी उपलब्धि है कि इसने 49 रोड्स स्कॉलर (दुनिया की प्रसिद्ध छात्रवृत्ति में एक रोड्स स्कॉलरशीप से सम्मानित व्यक्ति) और 87 नोबल पुरस्कार विजेता दिलाए हैं। शिकागो शहर के दक्षिणी हिस्से हाइड पार्क में स्थित इस विश्वविद्यालय में चार ग्रेजुएट डिविजंस के अलावा छह प्रोफेशनल स्कूल भी हैं। इनमें दो हजार से अधिक फैकल्टी मैंबर्स काम करते हैं।

यहां 15,000 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिसमें 18 फीसदी विदेशी छात्र हैं। यहां कई तरह की परंपराएं भी हैं। मसलन, 1987 से हर वर्ष मई महीने में यहां यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो स्कैवेंजर हंट नामक कार्यक्रम का आयोजन होता है, जिसमें सूची में से गोपनीय वस्तु ढूंढने की प्रतियोगिता की जाती है। इसी तरह 1963 से फेस्टीवल ऑफ द आर्ट का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वाद-विवाद और फिल्मों से संबंधित भी कई तरह के सालाना कार्यक्रम यहां होते रहते हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Opinion

एक सपने का सच होना

पूर्वांचल में व्याप्त हताशा के आकाश में भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा नवनिर्मित प्रथम राष्ट्रीय जलमार्ग स्वर्णिम भविष्य की आशा का नक्षत्र बनकर उभरा है। गंगा का जो जलमार्ग खत्म हो गया था, उसका फिर से शुरू होना सुखद है।

14 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

हिमा दास बनीं यूनिसेफ की यूथ एंबेसडर, सचिन तेंदुलकर को लेकर कही बड़ी बात

एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हिमा दास को संयुक्त राष्ट्र बाल निधि (यूनिसेफ) इंडिया का युवा एंबेसडर बनाया गया है। हिमा बच्चों के अधिकारों और आवश्यकताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का काम करेंगी।

15 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree